शिवराज-कमल-सिंधिया मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार, लेकिन किसके सर बंधेगा सेहरा ?

मध्य प्रदेश विधानसभा मतदान 28 नवंबर को होगा

भोपाल:

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में है वहीं सत्ता विरोधी लहर के सहारे कांग्रेस राज्य में वनवास खत्म करने की कोशिश में हैं. मध्य प्रदेश विधानसभा मतदान 28 नवंबर को होगा. सोमवार से प्रचार का शोर और नेताओं की बेलगाम बयानबाजी थम गई है.

बीजेपी की ओर से निर्वतमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही बीजेपी का चेहरा हैं वहीं कांग्रेस ने फैसला किया है कि विधायक दल की बैठक में नेता चुना जाएगा.

हालांकि कांग्रेस की ओर से कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं. बीजेपी पूरे चुनाव में कांग्रेस की इस रणनीति पर तंज कसती रही कि वह बिन दूल्हे के बारात निकालने की कोशिश कर रही है.

हालांकि राज्य के हिसाब से देंखें तो शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया तीनों का ही मध्य प्रदेश में अपना ही जलवा है. शिवराज जहां बीते 15 सालों में अपनी सरकार की योजनाओं के दम पर अब भी सबसे लोकप्रिय नेता बने हैं तो कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में लोकसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बना रखा है वहीं युवा ज्योतिरादित्या सिंधिया की ग्वालियर इलाके में लोकप्रियता है.

शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 में हुआ था. शिवराज ने भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र से मास्टर्स किया. उनको गोल्ड मेडल मिला था. आपातकाल में जेल गए. जनसमस्याओं को लेकर भी कई बार प्रशासन से टकराव मोल लिया और जेल भेजा गया.

1977 में आरएसएस के स्वयंसेवक बने. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में कई पदों पर रहे. तीन बार सांसद रहे और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे. लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है.

कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को कानपुर में हुआ था. कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से बीकॉम किया है. छिंदवाड़ा से वह 9 बार सांसद चुने जा चुके हैं और केंद्र में मंत्री भी रहे. कांग्रेस में एक प्रतिष्ठित राजनेता हैं.

ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया का जन्म जन्म १ जनवरी 1971 को हुआ था. उन्होंने देहरादून के दून स्कूल हावर्ड विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 4 बार सांसद रहे. कांग्रेस के युवा चेहरा हैं.

ग्वालियर राजघराने में जन्मे सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया भी कांग्रेस से 9 बार सांसद रह चुके हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयराजे सिंधिया बीजेपी की बड़ी नेता रही हैं.

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