अपनों के ही निशाने पर मोदी सरकार, यशवंत सिन्हा को मिला शिवसेना और शत्रुघ्न का साथ

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मोदी सरकार अपनों के ही निशाने पर है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने एक लेख में वित्त मंत्री अरुण जेटली पर करारा हमला बोला है और उन पर अर्थव्यवस्था को कबाड़ा करने का आरोप लगाया है। सिन्हा के हमलों के बाद सरकार पर न सिर्फ विपक्ष का हमला तेज हुआ है बल्कि अब अपने भी सरकार को घेरने लगे हैं। यशवंत सिन्हा को बीजेपी के ही सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के साथ-साथ केंद्र सरकार में शामिल शिवसेना का भी साथ मिला है।

शिवसेना ने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में मोदी सरकार को चुनौती दी है कि अगर यशवंत सिन्हा गलत है तो साबित करें। सामना ने लिखा है कि गुजरात में लोग कह रहे हैं कि विकास पागल हो गया है। संपादकीय में लिखा है, ‘सिर्फ गुजरात ही क्यों, पूरे देश में विकास पागल हो गया है की तस्वीर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सामने ला रहे हैं।’ संपादकीय में आगे लिखा गया है, ‘सिन्हा गलत होंगे तो सिद्ध करो कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं।…सिन्हा कोई ऐरे-गैरे नहीं हैं। अटल बहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वह वित्त मंत्री थे इसलिए उनके बयान को सोशल मीडिया पर नियुक्त कए गए वेतनधारी प्रचारकों की फौज झूठा साबित नहीं कर सकती।’

बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी यशवंत सिन्हा की बातों का समर्थन किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि यशवंत सिन्हा एक बड़े नेता हैं और वह देश के सबसे सफल वित्त मंत्रियों में रहे हैं। शत्रुघ्न ने लिखा कि यशवंत सिन्हा ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर आईना दिखाया है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

यशवंत सिन्हा के मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने के बाद देश के आर्थिक हालात पर बहस सी छिड़ गई है। सिन्हा के हमले का सरकार की तरफ से जवाब देने के लिए खुद उनके बेटे जयंत सामने आए और उन्होंने भी एक लेख के जरिए पिता के हमलों को काउंटर किया। ऐसा पहली बार नहीं है कि जब किसी बीजेपी नेता ने आर्थिक नीतियों को लेकर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी तो कई बार वित्त मंत्री अरुण जेटली की नीतियों पर सवाल उठा चुके हैं।

वह यहां तक कह चुके हैं कि देश की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है। स्वामी तो बतौर वित्त मंत्री जेटली की काबिलियत पर भी प्रश्न चिह्न लगाते रहे हैं। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी भी समय-समय पर मोदी सरकार की नीतियों की मुखालफत करते रहे हैं। यह बात भी अहम है कि संघ के विचारक और अर्थशास्त्री गुरुमूर्ति ने पिछले हफ्ते ही एक अंग्रेजी अखबार से कहा था कि देश की अर्थव्यस्था डूब रही है। अब यशवंत सिन्हा के हमले के बाद हो सकता है कि केंद्र सरकार पर अपनों के ही हमलों का सिलसिला और तेज हो जाए।

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