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कोरोना संकट के बिच चौकाने वाला खुलासा ,भारत में एक ही व्यक्ति को दोबारा हो रहा संक्रमण

इससे पहले अप्रैल में संक्रमित होने के बाद महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.

हांगकांग: बेल्जियम और नीदरलैंड में दोबारा कोरोना संक्रमण के मामले उजागर होने के बाद भारत भी इस कड़ी में शामिल हो गया है. दोबारा कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है. गुजरात के अहमदाबाद में 54 वर्षीय महिला कोरोना वायरस से दूसरी बार संक्रमित पाई गई. 23 अगस्त को RT-PCR जांच में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई. इससे पहले अप्रैल में संक्रमित होने के बाद महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.

कोरोना संक्रमण का दोबारा मामला उजागर

मंगलवार को इसानपुर के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने दावा किया, “अप्रैल में कोविड-19 संक्रमण की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद महिला एक बार फिर संक्रमित पाई गई है.” उन्होंने कहा कि हो सकता है ये दोबारा संक्रमण का मामला हो. रतन अस्पताल में महिला का इलाज कर रहे डॉक्टर प्रज्ञनेश वोरा ने बताया, “बुनियादी तौर पर कोविड-19 के दोबारा संक्रमण जैसा मामला लगता है. चार महीने तक बिना किसी समस्या के मरीज में एक बार फिर लक्षण जाहिर हुआ. इससे पहले महिला की रिपोर्ट दो बार निगेटिव आ चुकी है.”

बताया जाता है कि 18 अप्रैल को महिला के कोरोना पॉजिटिव होने का मामला उजागर हुआ था. उसके बाद उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां 28 और 28 अप्रैल को दो बार की कोरोना जांच में उसे निगेटिव पाया गया. 20 अगस्त को महिला रेपिड एंटीजेन टेस्ट में एक बार फिर कोरोना पॉजिटिव पाई गई. पहली बार निगेटिव पाए जाने के चार महीने बाद 23 अगस्त को RT-PCR में उसके कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई.

चार महीने बाद महिला पाई गई पॉजिटिव

रतन अस्पताल के विशेषज्ञों समेत डॉक्टर प्रज्ञनेश वोरा ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को मामले से सूचित कर दिया है. दोबारा संक्रमण मामले को उजागर करनेवाले डॉक्टर धवल पनखनिया ने कहा, “हमारे सामने आया दोबारा संक्रमण का ये पहला मामला है. महिला में कोरोना वायरस होने के बावजूद बीमारी का लक्षण नहीं पाया गया है. उसकी हालत स्थिर है.” हालंकि उन्होंने ये भी बताया कि वायरल लोड बहुत ज्यादा है. ICMR ने विशेषज्ञों से शोध को और पुख्ता करने के लिए अतिरिक्त जांच का आदेश दिया है. इसके लिए महिला मरीज का ब्लड और स्वैब सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलोजी पुणे भेजे जाएंगे.

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