सियाराम और राय को शो-कॉज नोटिस, पीसीसी ने पूछा क्यों किया व्हिप का उल्लंधन?

कांग्रेस में सामने आई अंदरखाने की कलह, सप्ताहभर में मांग जवाब

सियाराम और राय को शो-कॉज नोटिस, पीसीसी ने पूछा क्यों किया व्हिप का उल्लंधन?

कांग्रेस में सामने आई अंदरखाने की कलह, सप्ताहभर में मांग जवाब

रायपुर। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार और पार्टी उम्मीदवार लेखराम साहू को तीन वोट कम मिलने के बाद ही कयास लगाए जाने लगे थे कि कांग्रेस के निलंबित पार्टी के दो विधायक सियाराम कौशिक और आरके राय पर गाज गिरना तय है। कांग्रेस के अंदर खाने में लगाई जा रही कयास आखिरकार आज सामने आ गई।

पीसीसी की ओर से महामंत्री गिरीश देवांगन ने विधायक आरके राय और सियाराम कौशिक को 7 दिन के भीतर जवाब देने वाला नोटिस जारी कर दिया है। पीसीसी ने दोनों विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पार्टी के व्हिप का उल्लंधन किए जाने का कारण पूछा है।

पहले इस बात की पूरी संभावना थी कि शनिवार को ही दोनों विधायकों को नोटिस जारी कर दिया जाएगा लेकिन, नवरात्र की वजह से पीसीसी की तरफ से कार्रवाई नहीं हो पाई। बता दें कि शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव में दोनों विधायकों ने कांग्रेस के पार्टी व्हीप की परवाह किए बगैर जोगी कांग्रेस की शर्तों के मुताबिक वोट डालने से इंकार कर दिया था।

पीसीसी के नोटिस पर आरके राय ने क्लिपर-28 को बताया कि हमने कोई व्हिप का उल्लंघन नहीं किया, अगर नोटिस भेजा जाती है, तो हम जवाब देंगे, जो भी परिस्थितियां हैं सबको पता है, नोटिस मिला, तो हम अपनी बातें रखेंगे। हालांकि कांग्रेस ने दो विधायकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर पूछा- क्यों किया व्हिप का उल्लंघन? 7 दिन के अंदर जवाब दें।

सिंहदेव ने दिखाए थे तीखे तेवर

बताते चलें कि राज्यसभा सदस्य के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी लेखराम साहू को निशर्त समर्थन देने के लिए अमित जोगी की घोषणा के बाद भी ऐन वक्त पर वोट करने से मुकरने पर नेता प्रतिपक्ष ने तीखे तेवर दिखाते हुए पार्टी के निलंबित और जोगी के करीबी विधायक सियाराम कौशिक और आरके राय की सदस्यता समाप्त करने की बात कही थी।

हालांकि पीसीसी ने नोटिस जारी कर दिया है पर अब ये तय है कि सिंहदेव और जोगी की कटुता अब और बढ़ गई है। जिसका नतीजा अब शोकॉज नोटिस के रूप में सामने आया है।

रेणू जोगी पर नजर

पीसीसी में अब कोटा विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी रेणू जोगी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि कई मौकों पर जब रेणू जोगी ने साफ किया कि वे कांग्रेस में थी और कांग्रेस में ही रहेंगी।

बावजूद इसके ये बात पीसीसी का पच नहीं रही है। इसकी वजह भी एकदम साफ है । उनके पति व जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अजीत जोगी ने पार्टी मंच में कई बार से बात दोहरा चुके हैं कि रेणू उनकी धर्मपत्नी हैं और आखिरकार उनके साथ ही जाएंगी।

अब जबकि उनके पुत्र अमित जोगी को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है और जोगी के करीबी विधायक रहे सियाराम कौशिक और आरके राय को पार्टी ने नोटिस थमा दिया है तो एक बार फिर कांग्रेस में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

आगे ऊंट किस करवट बैठेगा इसका जवाब आने वाला समय तय करेगा, मगर पीसीसी के खास लोग उन पर नजर रखे हुए हैं।

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