छत्तीसगढ़

ग्राम संकरी में किया गया श्रमदान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल द्वारा कोरोना और लाकडाऊन के चलते अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाये रखने के लिए सभी पंचायतों में मनरेगा कार्य की सहमति दे दी गयी है।

दीपक वर्मा आरंग
आरंगः प्रदेश के सभी गांवो में महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल द्वारा कोरोना और लाकडाऊन के चलते अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाये रखने के लिए सभी पंचायतों में मनरेगा कार्य की सहमति दे दी गयी है। जहां मनरेगा को लेकर ग्रामीणो में हर्ष व्याप्त है।

 

जनपद पंचायत आरंग के अंतर्गत आने वाले 144 ग्राम पंचायतों में से एक ऐसा ग्राम पंचायत सकरी (कोरासी) जहां मनरेगा के तहत सभी श्रमिक तालाब गहरीकरण के कार्य मे जुटे हुए है, जिसमें वार्ड क्रमांक 01 से लेकर 20 तक कुल 900 मजदूर मनरेगा के तहत कार्य कर रहे है, सभी मजदुर अपना कार्य पूरा करके ही घर जाते है तथा मनरेगा स्थल का ग्राम के सरपंच, उपसरपंच एवं पंचों के द्वारा बार-बार औचक निरक्षण भी किया जाता हैं।

 

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योजना के तहत गहराई होने पर ही उनका हाजरी चढाया जाता है। संयोग की बात है कि योजना के तहत ग्राम पंचायत में मनरेगा के लिए प्रस्तावित राशि क्षेत्रफल के हिसाब से कम दी गयी थी और कार्य ज्यादा हो गया था जिसके चलते कार्य अधूरा रह गया था लेकिन मजदूरो ने जागरुकता दिखाते हुए कार्य किया और दो दिन बिना पैसे अर्थात श्रमदान देकर तालाब गहरीकरण किया। ज्ञात हो कि 25 साल में पहली बार ग्राम सकरी (कोरासी) में माई तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है लेकिन क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि शासन द्वारा प्रस्तावित राशि कम पड़ रही है।

 

25 सालो में इस तालाब की साफ-सफाई करने की बात ग्राम पंचायत में रखी गयी थी, जो अधुरी रह गयी। तालाब में एकत्रित कचरे के कारण तालाब का पानी भी मटमैला दिखने लगा था इसलिए ग्राम पंचायत ने तालाब की गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए राशि प्रस्तावित हुई वो कम पड़ रही और बात करे तालाबो की तो तालाब में गन्दगी इतनी ज्यादा है कि 15 दिनों में उसको निकाल पाना असंभव है और गांव की सबसे बड़े तालाब है। गांव के 75 प्रतिशत लोग इसी तालाब पानी पर निर्भर होते।

 

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25 साल में पहली बार मनरेगा के कार्य चला, अतः ग्रामवासियो की मांग की गहरीकरण के लिए 2 पार्ट में राशि प्रस्तवित करे ग्रामवासी तालाब की सफाई ना होने से चिंतित है। चूँकि गांव का पुराना और सबसे बड़ा तालाब है। ग्राम पंचायत संकरी (कोरासी) के सरपंच ने भी शासन-प्रशासन से गुहार लगाया कि 2 पार्ट में राशि प्रस्तावित करे तालाब बड़ा होने के कारण प्रस्तावित राशि कम पड़ रही है, अतः शासन से अपील करना चाहूंगा इस वास्तविक मुद्दे को देखते हुए जल्द 2 पार्ट की राशि देने की कृपा करें।

 

सरपंच नारायण प्रसाद साहू ने कहा कि पंच, सरपंच, ग्रामसभा समिति एवं ग्रामवासी के सहयोग से माई तालाब में 2 दिनों तक मजदूर श्रमदान किये है जिसमे 900 मजदुर व 15 ट्रेक्टर का सहयोग रहा। श्रमदाताओ का मैं आभारी रहूंगा। उपसरपंच भूपेंद्र साहू ने कहा कि 25 सालो में पहली बार तालाब में मनरेगा के तहत कार्य चल रहा है, तालाब का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है जिसके कारण पार्ट 1 की प्रस्तावित राशि कम पड़ रहा है, गन्दगी इतना ज्यादा है कि 15 दिनों में भी साफ कर पाना असंभव है।

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