श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास में डूबी मथुरा नगरी, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

मथुरा: पूरा ब्रजमंडल कान्हा के जन्म की प्रतीक्षा में उल्लास में डूबा हुआ है. कृष्ण भक्तों की खुशी और आयोजन देखकर लग रहा है मानो उनके घर में ही ‘लाला’ का जन्म होने वाला है. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ मथुरा, वृंदावन और जनपद के हर तीर्थस्थल में उमड़ पड़ा है. दोनों धर्म नगरियों में प्रमुख मंदिरों की ओर जाने वाले हर मार्ग पर तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है. रात के 12 बजे कृष्ण जन्म के साथ उल्लास और भी चरम पर पहुंच जाएगा.

श्रीकृष्ण बलराम मंदिर तथा बांकेबिहारी मंदिर से जुड़े विदेशी भक्त भी कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाने में किसी से पीछे नहीं हैं. हर ओर भगवान के जन्म की खुशियां छाई हुई हैं, बधाई गायन हो रहा है. इस मौके पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर, द्वारिकाधीश मंदिर, वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर, राधारमण मंदिर, राधावल्लभ मंदिर, इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर, बरसाना के मंदिर, गोवर्धन के दानबिहारी मंदिर, गोकुल, महावन और नंदगांव के सभी मंदिरों में विशेष सजावट की गई है.

श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर 210 फुट ऊंचाई पर स्थित भागवत-भवन है, जहां राधाकृष्ण की अद्वितीय वैभवशाली प्रतिमा की सेवा-पूजा की जाती है. इस वर्ष प्रथम अभिषेक 51 किलो चांदी से निर्मित एवं स्वर्ण पत्रों से सज्जित कामधेनु गाय के थनों से झरते दूध से किया जाना है. श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए दर्शनार्थियों को गोविंद नगर स्थित उत्तरी द्वार से प्रवेश कराया जा रहा है और भगवान के दर्शन के पश्चात निकासी के लिए मुख्य द्वार का उपयोग किया जा रहा है.

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