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उडीपी पेजावर मठ के प्रमुख श्री विश्वेश तीर्थ स्वामी का निधन

के एम सी मणिपाल अस्पताल में चल रहा था उनका इलाज

बेंगलुरू: पिछले कुछ दिनों से खराब स्वास्थ्य के चलते के एम सी मणिपाल अस्पताल में भर्ती 88 वर्ष के श्री विश्वेश तीर्थ स्वामी अब इस संसार में नहीं रहे. श्री विश्वेश तीर्थ स्वामी उडीपी पेजावर मठ के प्रमुख थे.

उनका इलाज के एम सी मणिपाल अस्पताल में चल रहा था. उनकी हालत में विशेष सुधार नही हो पा रहा था और स्थिति गंभीर परंतु स्थिर बनी हुई थी. स्वामी की इच्छा अनुसार रविवार सुबह उन्हें मठ वापस लाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली .

पेजावर मठ हिन्दू फिलोसोफी के द्वैत वाद के सिद्धांत पर आधारित है. श्री विश्वेश तीर्थ इस मठ के 32वें प्रमुख थे. पेजावर मठ के अंतर्गत 8 अन्य मठ आते है (अष्ट मठ) जिनका प्रमुख पेजावर मठ के प्रमुख होते है.

विश्वेश तीर्थ स्वामी को अपने गुरु का दर्जा देती है नेता उमा भारती

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के नेता उमा भारती विश्वेश तीर्थ स्वामी को अपने गुरु का दर्जा देती है और पिछले कुछ दिनों से उमा भारती लगातार उडीपी में बनी हुई हैं और स्वामी के स्वास्थ्य की कामना कर रही थीं. मुख्यमंत्री बी एस येदयुरप्पा भी अपने पिछले दौरे में अस्पताल जा कर स्वामी के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. इस समय भी मुख्यमंत्री उडीपी में मौजूद हैं.

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पेजावर स्वामी ने विशेष तौर पर दिल्ली जा कर उन्हें अपना आशीर्वाद दिया था. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी अपने राष्ट्रपति काल के अंतिम चरण में जब दर्शन के लिए उडीपी पहुंचे थे तो विशेष रुप से पेजावर स्वामी से मुलाकात की थी.

1931 में जन्मे श्री विश्वेश तीर्थ महज 8 वर्ष की आयु में सन्यासी हो गए थे. धर्म के साथ साथ वो राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए जाने जाते थे. जहां एक ओर पेजावर स्वामी सनातन धर्म के प्रति समर्पित थे वही दूसरी ओर रमजान के दिनों में मुस्लिम तबके के लिए मठ में इफ्तार का आयोजन कर धार्मिक सदभाव का भी परिचय देते थे.

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