श्याम बेनेगल को दिया जाएगा पहला किशोर साहू स्मृति राष्ट्रीय पुरस्कार

छत्तीसगढ़ सरकार के संस्कृति विभाग ने की घोषणा

रायपुर : सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता स्वर्गीय किशोर साहू की स्मृति में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष से राष्ट्रीय अलंकरण और राज्य स्तरीय सम्मान की शुरूआत की जा रही है। पहला किशोर साहू स्मृति राष्ट्रीय अलंकरण हिन्दी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक, पद्मभूषण अलंकरण से सम्मानित श्याम बेनेगल को देने का निर्णय लिया गया है। उन्हें अगले माह अपै्रल में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित होने वाले समारोह में दस लाख रूपए की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र के साथ इस अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। यह घोषणा आज यहां संस्कृति और पुरातत्व संचालनालय द्वारा की गई।

संस्कृति विभाग के संचालक जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि राज्य सरकार ने हिन्दी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन और सुदीर्घ कला-साधना को सम्मानित करने के लिए वर्ष 2018 में इस राष्ट्रीय अलंकरण की स्थापना की है। यह अलंकरण प्रति वर्ष एक चयनित व्यक्ति को दिया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा गठित निर्णायक मंडल ने वर्ष 2018 का यह राष्ट्रीय अलंकरण श्याम बेनेगल को देने की अनुशंसा की है, जिनकी गिनती भारत में समानांतर सिनेमा के अग्रणी निर्देशकों में की जाती है। बेनेगल के निर्देशन में अंकुर, निशांत, मंथन और भूमिका जैसी लोकप्रिय फिल्मों का निर्माण हुआ। इन फिल्मों के निर्देशन से उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि मिली। उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। बेनेगल को सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फीचर फिल्मों के लिए पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा गया है।

इसी कड़ी में राज्य सरकार ने हिन्दी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय और पटकथा लेखन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए ‘किशोर साहू स्मृति राज्य स्तरीय सम्मान’ की भी वर्ष 2018 में स्थापना की है। पहला राज्य स्तरीय किशोर साहू सम्मान छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मनोज वर्मा को देने का निर्णय लिया गया है। वर्मा को प्रशस्ति पत्र और दो लाख रूपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय किशोर साहू सम्मान भी प्रति वर्ष दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय किशोर साहू, जिनकी स्मृति में राष्ट्रीय अलंकरण और राज्य सम्मान की स्थापना की गई है, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के निवासी थे। उन्होंने 22 लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय और 20 फिल्मों के निर्देशन के जरिए मुम्बई फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन दोनों पुरस्कारों के लिए पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया था, जिसमें ‘मेट्रो’, काइट्स, मर्डर आदि फिल्मों के निर्देशक और पटकथा लेखक मुम्बई में निवासरत अनुराग बसु, मुम्बई में ही फिल्मो और टेलीविजन धारावाहिकों में बतौर कला निर्देशक काम कर रहे जयंत देशमुख, महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की पत्रिका ‘बहुवचन’ के सम्पादक अशोक मिश्र और लगान, मेस्सी साहब, वाटर, सलाम मुम्बई जैसी लोकप्रिय फिल्मों के अभिनेता रघुवीर यादव सदस्य के रूप में शामिल थे।

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