सिकलसेल रोग संबंधी जांच सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में गुणवत्तापूर्ण हो : वर्मा

सडको कि मरम्मत मानसून से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश

नारायणपुर : आज लोक सुराज अभियान के तहत कलेक्टर तोपेश्वर वर्मा के अध्यक्षता में निराकृत प्रकरणों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठा हुई। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को सौभाग्य योजना के तहत दोनों विकासखण्डो के सभी अविद्युतकृत घरों को बिजली का कनेक्शन देने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की जिन सड़कों की मरम्मत की जरूरत है, उनकी मरम्मत मानसून के पहले अनिर्वाय रूपसे कर लिया जाए। कलेक्टर वर्मा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से नारायपुर ओरछा तक सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। भविष्य में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तमन्ना के अनुसार सड़क मार्ग से ओरछा तक सफर करने की इच्छा पूरी हो और आम व्यक्ति को भी आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

कलेक्टर वर्मा ने दोनों विकासखण्ड नारायणपुर और ओरछा में मध्यान भोजन संचालित कर रही महिला स्व-सहायता समूह के आडिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला मुख्यालय नारायणुर में बन रहे एजुकेशन हब में बन रही पांच दुकानों के संबंध में जानकारी ली और आगामी अप्रैल माह में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होनें दुकानों के आवंटन संबंधी प्रक्रिया के बारे में पूछा।

अगले मंगलवार 27 मार्च 2018 को होने वाली समय-सीमा की बैठक में दिसम्बर 2017 तक के एक भी प्रकरण लंबित नहीं रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाए और निराकृत प्रकरण की प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए। वर्मा ने विशेष केन्द्रीय सहायता योजना से संबंधित जानकारी भी ली।

वर्मा ने कल बुधवार 21 मार्च को प्रदेश भर में सिकलसेल रोग की पहचान और इस पर जागरूकता के लिए एक दिवसीय विशेष अभियान के तहत रोग संबंधी जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जांच गुणवत्तापूर्ण करने और लोगों को रोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर सिकलसेल रोग संबंधी जांच उपकरण पहुंच गए है।

जिले में लगभग साढे सात हजार से ज्यादा लोगों के सिकलसेल रोग की जांच की जाएगी। इसके लिए सभी तैयारी पूरी हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि यह रोग आम तौर पर बाल्यावस्था में ज्यादा होता है। अधिकांश ऐसे लोगों (या उनके वंशजो में) पाया जाता है जो उष्णकटिवंधीय या उपोष्णकटिबंधीय भागों में रहते है। तथा जहां मलेरिया सामान्यत पाया जाता है। उन्होनें ग्राम आकाबेड़ा में उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का प्रस्ताव देने के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, सहज तिजली हर घर योजना (सौभाग्य) पेयजल सौर सुजला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा आदि के तहत स्वीकृत कार्यो की समीक्षा और समय-सीमा की प्रकरणों और उनके निराकरण की जानकारी ली। बैठक में वनमण्डाधिकारी स्टॉयलो मण्डावी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक चौबे, एसडीएम दिनेश कुमार नाग, डिप्टी कलेक्टर एस.एन. वाजपेयी, भागवत प्रसाद जायसवाल, भूपेन्द्र साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे ।

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