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बाजवा को गले लगाना सिद्धू को पड़ा महंगा, भाजपा ने साधा निशाना

सिद्धू के शपत ग्रहण में शामिल होने को लेकर उठे विवाद में फंसा कांग्रेस

नई दिल्ली : पूर्व क्रिकेटर इमरान खान के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब में कांग्रेस सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के शामिल होने पर जहां एक तरफ पुरे देश में सवाल उठ रहा है वही दूसरी ओर भाजपा ने भी शपत ग्रहण में शामिल होने को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस पर निशाना साधा है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस कर भारत को कटघरे में खड़ा कर दिया है और इसके लिये राहुल गांधी देश को जवाब दें। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के षड्‍यंत्र में कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी आग में घी डालने का काम कर रहे हैं ।

भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के बयान के बाद भी अगर सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस की है, तो यह राहुल गांधी के कहने पर ही किया होगा, क्योंकि उनकी मर्जी के बगैर कांग्रेस में एक पत्ता भी इधर से उधर नहीं होता है।

पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल जी इस विषय से भाग नहीं सकते हैं, आपको देश को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि डिप्लोमेसी या कूटनीति जैसे विषय केंद्र सरकार के दायरे में आते हैं। इस पर कोई भी फैसला केंद्र करता है। किसी देश के साथ संबंध कैसे हो, यह विषय केंद्र सरकार की परिधि के तहत आता है।

पात्रा ने कहा कि हम सिद्धू से नहीं राहुल गांधी से जवाब चाहते हैं कि क्‍या वह एक समानांतर सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस में जो बात कही, विश्वास नहीं होता है कि हमारे देश का कोई नेता इस प्रकार से पाकिस्तान के पक्ष में बातें कह सकता है।

उन्होंने कहा कि सिद्धू का कहना है कि वे बतौर राजनीतिक व्यक्ति नहीं बल्कि एक क्रिकेटर के रूप में पाकिस्तान गए थे लेकिन आज उन्होंने केवल राजनीतिक बातें की । भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस और सिद्धू ने यह समझाने की बजाए कि उन्होंने पाकिस्तान में वहां के सेना प्रमुख जनरल बाजवा को गले क्यों लगाया और सिद्धू पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के राष्ट्रपति के बगल में क्यों बैठे, उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में एक लम्बा लेक्चर दिया कि डिप्लोमेसी कैसी होनी चाहिए?

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