छत्तीसगढ़

स्कूल मैदानों के अधिग्रहण के खिलाफ शहर के आम जनता के मध्य हस्ताक्षर अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर पेड़ लगाकर विरोध प्रकट

रायपुर: माधव राव सप्रे हाईयर सेकंडरी विद्यालय व दानी स्कूल मैदानों के अधिग्रहण के खिलाफ हर के आम जनता के मध्य हस्ताक्षर अभियान जारी है। तथा आंदोलनकारियों ने विश्व पर्यावरण दिवस पर इस मैदान में पेड़ लगाकर भी अपना विरोध प्रकट किया।

भारी संख्या में हस्ताक्षर एकत्र

डा. अजित डेग्वेकर, धर्मराज महापात्र, निश्चय वाजपेई, राजू कदम, दीपक शर्मा ने कहा कि आंदोलन के समर्थन में दानी स्कूल की पूर्व छात्राएं भी मैदान में उतर गई है और वे भी भारी संख्या में हस्ताक्षर एकत्र कर इस अभियान में सक्रिय हो गई है।

आंदोलन की ओर से विभिन्न संगठनों को इस आंदोलन के समर्थन के लिए पत्र भी भेजा गया जिसमें उनसे निम्न अनुरोध क्या गया। विगत कई वर्षों से हम देख रहे हैं कि सरकार/नगर निगम, बूढ़ा तालाब को लेकर यह जताने की कोशिश करते हैं कि उनका पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा मे काम करने की इच्छा है।

परंतु वास्तविकता मे सरकार इसके व्यवसायीकरण के प्रयासों मे ही लगी रहती है। पहले तालाब के बीच मे पेठू को जोड़कर सड़क बनाने का प्रयास, फिर पर्यटन विभाग द्वारा एक कंपनी को तालाब देकर चौपाटी बनाने की योजना के नाम पर सप्रे स्कूल मैदान को छोटा करने का प्रयास करना आपको याद ही होगा, और आप सबके सहयोग से ही इन योजनाओं के विरोध कर रोक लगाने मे हम सब सफल हुए थे।

करीब 150-200 साल के इतिहास वाले सप्रे स्कूल, दानी गर्ल्स स्कूल और उनका मैदान कई ऐतिहासिक संस्मरणों, घटनाओं को अपने मे समेटे हुए है। पूर्व लॉरी स्कूल जो अब सप्रे स्कूल कहलाता है, जो शहर के सबसे पुराने स्कूलों मे से एक है, इसने इस शहर व प्रदेश को कई नामचीन हस्तियां दी।

सप्रे स्कूल मैदान 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की बैठकों से लेकर नेहरूजी, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी बाजपेयी, विजय लक्ष्मी पंडित, बाबू जगजीवनराम, वी पी सिंह, सोनिया-राहुल गांधी, शरद पवार जैसी कई बड़ी हस्तियों की महती सभाओं का गवाह रहा है।

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