राष्ट्रीय

एससी-एसटी एक्ट में बड़े बदलाव के संंकेत, रिव्यू पिटीशन की तैयारी

भाजपा सांसद और विधायकों में भी नाराजगी, मोदी को की थी मुलाकात

नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट में एकबार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। खुद बीजेपी के सांसद और विधायक भी कोर्ट के इस फैसले के प्रति नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इस वजह से अब सरकार खुद अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के बदलावों को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करने पर विचार करेगी।

पीएम से मिला अनुसूचित जाति के सांसदों का दल

कल ही एससी-एसटी एक्ट को लेकर अनुसूचित जाति के सांसदों केप्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। संसद भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान सदस्यों ने पीएम से कहा कि कोर्ट के इस फैसले से कानून कमजोर करने कोशिश हुई है।

दलितों के जातीय उत्पीड़न को रोकने वाले इस कानून में अंतर्गत आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विभागाध्यक्ष की मंजूरी अनिवार्य किए जाने के फैसले को लेकर अपनी नाखुशी का इजहार की।

रिव्यू पिटीशनपर विचार कर रही सरकार

सूत्र बताते हैं कि दलित सांसदों ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में रिव्यू पिटीशन दायर करे ताकि इसमें अपेक्षित बदलाव हो सके। सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख का इजहार किया और कहा कि कानून मंत्रालय इस फैसले का अध्ययन करके पुनरीक्षण याचिका दायर करने के बारे में निर्णय लेगा। बैठक में केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान , रामदास अठावले, पूर्व मंत्री विजय सांपला भी शामिल थे।

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