चीन ने सिल्क रोड परियोजना के आलोचकों को बताया पूर्वाग्रही

बीजिंग : चीन अपनी नई सिल्क रोड परियोजना के जरिये किसी साझेदार देश पर जबरन कर्ज नहीं लाद रहा है। इस तरह के आरोप लगाने वाले आलोचक पूर्वाग्रही हैं। चीन के एक वरिष्ठ राजनयिक ने यह बात कही है। नई सिल्क रोड परियोजना को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी परियोजना माना जाता है। इसके तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी-भरकम खर्च के साथ चीन को एशिया, यूरोप व अन्य देशों से जोड़ने वाले सिल्क रोड का पुनर्निर्माण होना है।

चीन की इस परियोजना को भारत और कई पश्चिमी देशों की ओर से विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका इस कदम को अन्य देशों में अपनी पकड़ बनाने की चीन की कोशिश मान रहा है। उसका यह भी आरोप है कि परियोजना के बहाने चीन विभिन्न छोटे देशों को भारी-भरकम कर्ज में दबा रहा है। हाल में इटली की ओर से इस परियोजना के लिए सहमति जताने की भी अमेरिका ने आलोचना की है।

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश मामलों की कमेटी का संचालन करने वाले यांग जीची ने कहा कि कुछ देश इस परियोजना को भू-राजनीतिक हथियार की तरह देख रहे हैं। उनका मानना है कि यह सहयोगी देशों को कर्ज के जाल में फंसाने का तरीका है।

उन्होंने कहा, ‘ये आरोप निश्चित तौर पर दिखाते हैं कि इन देशों को परियोजना की समझ नहीं है। यह नासमझी और पूर्वाग्रह से भरी सोच है।’ यांग पूर्व विदेश मंत्री हैं और अमेरिका में बतौर राजदूत भी काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट सभी के लिए खुला है, समावेशी और पारदर्शी है। यह किसी तरह का भू-राजनीतिक खेल नहीं है।’ यांग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के समर्थन में और भी तर्क दिए।

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