सिंधू-सायना 36 साल का सूखा समाप्त करने उतरेंगी

1962 में पहली बार बैडमिंटन को एशियाई खेलों में शामिल

नई दिल्लीः पीवी सिंधू और सायना नेहवाल 18वें एशियाई खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में 36 साल का व्यक्तिगत पदक का सूखा समाप्त करने के इरादे से उतरेंगी।

एशियाई खेलों में 1962 में पहली बार बैडमिंटन को एशियाई खेलों में शामिल किए जाने के बाद से भारत ने इन खेलों में बैडमिंटन में कुल आठ कांस्य पदक जीते हैं जिसमें सैयद मोदी का 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में व्यक्तिगत कांस्य पदक शामिल है।

भारत ने इसके अलावा एक पुरुष युगल, एक मिश्रित युगल, तीन पुरुष टीम और दो महिला टीम कांस्य पदक जीते हैं। भारत ने पिछले इंचियोन एशियाई खेलों में महिला टीम स्पर्धा में कांस्य जीता था।

भारतीयों को विदेशी खिलाडिय़ों से चुनौती मिलेगी

रियो ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सिंधू ने उनसे लगायी गयी उम्मीदों पर कहा, ”बैडमिंटन मे चीन, जापान और कोरिया हमेशा से शक्ति के रूप में रहे हैं।

इस बार भी भारतीय खिलाडिय़ों को इन्हीं देशों के खिलाडिय़ों से चुनौती मिलेगी। इस बार हम हालांकि नए सिरे से तैयार हैं। व्यक्तिगत तौर पर मैं अच्छी लय में हूं और बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ एशियाई खेलों में हिस्सा लूंगी।”

इस साल गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली सायना नेहवाल का मानना है कि वह पदक के लिए अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी। सायना ने कहा, ”हमारे पास अच्छा संयोजन है। हम श्रेष्ठ टीमों को हरा सकते हैं। व्यक्तिगत तौर पर मैं 100 फीसदी फिट हूं और पोडियम फिनिश की उम्मीद कर रही हूं।”

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