समाज को तोड़ने का समाज को छीन भिन्न करने का इनका इरादा : सिन्हा

कोलकाता में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन में यशवंत सिन्हा ने कहा

कोलकाता: कोलकाता में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन में यशवंत सिन्हा ने कहा, ‘हम सब यहां पर क्यों इकट्ठे हुए ? बीजेपी को मैंने छोड़ दिया मैं जनता हूं बीजेपी की क्या प्रतिक्रिया होगी. हम एक व्यक्ति, देश के प्रधानमंत्री को होने के लिए एकत्रित हुए हैं, पर यहां एक व्यक्ति की बात नहीं है, सोच और विचारधारा की बात है.

हम सब जानते हैं की पिछले ५६ महीने में जो कुछ भी हुआ है. इससे देश में परतंत्र को कितना खतरा हुआ है. कोई भी ऐसा इंस्टीटूशन नहीं जिसको इन्होने बर्बाद न किया हो. हमारे समकाने मोदी मुद्दा नहीं, मुद्दें, मुद्दा है.

ये पहली सरकार है जिसने आंकड़ों के छेड़छाड़ किया. ये आंकड़ों को बढ़ा चढ़ा के पेश कर रही है. समाज को तोड़ने का समाज को छीन भिन्न करने का इनका इरादा है. अगर सरकार का आप विरोध करते हैं तो तुरंत आपसे कहा जाता है की आप देश द्रोह हैं.

देश का विकास नहीं नाश हुआः सिन्हा

यशवंत सिन्हा ने कहा कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह से मेरी बात हुई, वो कह रहे थे पहले तो हमें देशद्रोही कहा गया और फिर हमें पाकिस्तान का एजेंट कहा गया. मैं तो खुद अब फकीरी की ओर हूं अब कुछ नहीं चाहिए उन्होंने नारा दिया था सबका साथ सबका विकास पर उन्होंने सबका विकास तो किया, देश का नाश भी किया.

शत्रुघ्न सिन्हा भी पहुंचे

ममता बनर्जी के मेगा शो में बीजेपी के फायरब्रांड नेता शत्रुघ्न सिन्हा भी नजर आए. शत्रुघ्न सिन्हा जैसे ही मंच पर पहुंचे ममता ने उन्हें स्कॉर्फ पहनाकर उनका स्वागत किया.

रैली नहीं बल्कि ये रैला हैः जयंत चौधरी

अजित सिंह चौधरी के बेटे जयंत चौधरी ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह रैली नहीं रैला है. निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जनता के पैसों को लूटा जा रहा है. चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि वह किसानों के हित के लिए काफी जिद्दी थे.

हार्दिक और मेवाणी ने भरी हुंकार

कोलकाता में रैली को संबोधित करते हुए हार्दिक पटेल ने कहा कि सुभाष चंद्र बोष गोरों से लड़े थे, लेकिन हम एक साथ होकर चोरों से लड़ेंगे. वहीं, गुजरात के नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा बंगाली में लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि साढ़े चार सालों दलित, किसान, मध्यवर्गीय लोगों का शोषण हुआ है. मेवाणी ने कहा कि किसानों की अहमियत को खत्म करने की कोशिश की गई है.

बीजद और माकपा ने बनाई दूरी

बीजू जनता दल (बीजद) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम मोर्चे के अलावा सभी विपक्षी पार्टियों के नेता इस रैली में हिस्सा लेंगे. इस रैली के बारे में तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह आगामी लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए ‘‘ताबूत में आखिरी कील’’ होगी.

रैली में शामिल होंगे 8 लोग

माना जा रहा है कि कोलकाता में विपक्ष की इस रैली में 8 लाख लोग शामिल होंगे. रैली की भव्यता दिखाने और इसको सफल बनाने के लिए एक बड़े मंच के अलावा 20 टॉवर खड़े किए गए हैं और 1,000 माइक्रोफोन एवं 30 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं ताकि दर्शक नेताओं को साफ तौर पर देख एवं सुन सकें.

41 साल बाद विपक्ष का जमावड़ा

शनिवार को होने वाली रैली से पहले ममता बनर्जी ने कहा है कि इस बार बीजेपी 125 सीटों के भीतर सिमट जाएगी. 41 साल बाद कोलकाता में विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा लग रहा है. रैली का आयोजन कर रही तृणमूल कांग्रेस ने कहा, “क्षेत्रीय राजनीतिक मजबूरियों को इस प्रस्तावित रैली से जुड़े बड़े राजनीतिक उद्देश्यों में नहीं मिलाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इसे विपक्ष का डर कहा है. साल 1977 में ज्योति बसु ने कोलकाता के मंच से ही कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंका था.

किस पार्टी के कौन से नेता होंगे शामिल

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रैली में भाग लेंगे जबकि बसपा की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा के शिरकत करने की संभावना है. हालांकि बसपा सुप्रीमो मायावती खुद इस रैली में हिस्सा नहीं लेंगी. आरएलडी के अजीत सिंह और जयंत चौधरी भी मौजूद रहेंगे. वहीं, रैली में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे.

दिल्ली के सीएम केजरीवाल भी होंगे शामिल

इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एवं जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू शामिल हैं. इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के भी शामिल होने की उम्मीद है. कांग्रेस से खड़गे और पार्टी

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