सीतापुर के हाईस्कूल बना स्मार्ट,  1931 में बने स्कूल को अब मिला जर्जर हालत से छुटकारा

सीतापुर।

सन् 1931 में राजपरिवार द्वारा बनवाए गए सीतापुर के हाईस्कूल को अब जाकर जर्जर स्थिति से छुटकारा मिला है। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नाम से संचालित यह स्कूल अब स्मार्ट स्कूल हो गया है।

बता दें कि इस स्कूल में 1931 से लेकर आज तक बहुत लोग पढ़े और बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी बने। लेकिन किसी ने स्कूल की जर्जर हालत पर ध्यान नहीं दिया। जिसे देखते हुए सीतापुर के पूर्व एसडीएम अजय त्रिपाठी व विशेष रूप से चलता राजपरिवार के शैलेश सिंहदेव ने इस स्कूल को सर्वसुविधायुक्त बनाने की पहल की। भवन के रंग-रोगन से लेकर, समस्त फैसिलिटी जैसे स्मार्ट क्लास की सुविधा, सीसीटीवी से लेकर फर्श लगवाए ताकि बच्चों को यहाँ पढ़ाई के प्रति अच्छा माहौल मिल सके।

आपको बता दें कि यहां बरसात के दिनों में छत से काफी पानी गिरता था, और बच्चे पानी मे भीगकर परीक्षा देते थे। जिसे देखते हुए शैलेश सिंहदेव ने इस पर तुरंत काम चालू करवा दिया और आज स्कूल काफी स्वच्छ और अच्छा हो गया है।

उनका कहना है कि यदि आप स्कूल के पहले की स्थिति देखे तो आप दंग रह जाएंगे। यहां दीवारों से लेकर छत तक जर्जर हो गए थे और बरसात के दिनों में यहाँ से पानी भी गिरता था। जिससे बच्चो को पढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करता था, जिसे देख कर उन्होंने स्कूल को ठीक कर फैसिलिटी युक्त बनाए जाने की पहल की। उन्होंने बताया आने वाले समय मे यहां गार्डनिंग की व्यवस्था भी कराई जाएगी।

विधायक और जिला शिक्षा समिति की अनदेखी

बता दें कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मरम्मत के लिए सालों से पहल की जा रही थी, लेकिन सीतापुर कांग्रेस के विधायक अमरजीत भगत जिनका मद करोड़ों रुपए आता है, उन्होंंने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिए। वहीं बीजेपी के जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रभात खलखो
जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष भी हैं। इन्होंने भी इसे संज्ञान में क्यों नहीं लिया।

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