छत्तीसगढ़

सीतापुर पुलिस परिवार व विवेकानंद युवा क्रांति के टीम ने मनाया रक्षाबंधन महापर्व

सीतापुर।

सीतापुर में झमाझम बारिश के साथ मना रक्षाबंधन महापर्व, आज सीतापुर में तेज बारिश के साथ बहनों ने अपने भाईयों को राखी अर्थात रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामनाएं भी की।

इसके साथप्तसाथ सीतापुर में राखी का मार्केट भी खूब संख्या में लगा था। बहनों ने अपने भाइयों को आज रक्षासूत्र बाँध उनकी लंबी उम्र की कामना भी की और उनको सभी संकटो से दूर करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना भी की।

सबसे अच्छी बात तो यह है कि सीतापुर पुलिस परिवार और विवेकानंद युवा क्रांति के टीम ने भी मनाया रक्षाबंधन का पर्व, इन्होंने कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय में जाकर लड़कियों से राखी बंधवाया और उनसे भाई का नाता भी निभाया और अपने बहनों को विवेकानंद युवा क्रांति के टीम ने व पुलिस परिवार ने भी संकट के समय याद करने हेतु भी कहा।

इसके साथप्तसाथ इन्होंने अपने बहनों की सुरक्षा करने का संकल्प भी लिया। यहाँ कुछ ऐसी बहने भी थी जिनका कोई भाई नहीं था, उनको सीतापुर पुलिस परिवार व विवेकानंद युवा क्रांति टीम ने अपने आप को उन बहनों का भाई बनाया।

इस रक्षाबंधन कार्यक्रम में नगर निरीक्षक सीतापुर टी.आई. मनीष ध्रुवे ने अपने बहनों को कानून से जुड़ी बातें भी बताई और समाज मे होने वाली घटनाओं से डटकर सामना करने हेतु श्री ध्रुवे ने उनको जानकारी भी दिया।

-रक्षा बंधन क्या है ?

रक्षाबंधन एक विशेष हिंदू त्यौहार है, जिसे भारत और नेपाल जैसे देशों में भाई और बहन के बीच प्यार का प्रतीक बनाने के लिए मनाया जाता है। रक्षा बंधन का अवसर श्रवण के हिंदू चंद्र कैलेंडर महीने के आखरी दिन मनाया जाता है जो आमतौर पर अगस्त में पड़ता है।

रक्षा बंधन का त्यौहार भाई और बहन के बीच कर्तव्य का प्रतीक माना जाता है। यह अवसर पुरुषों और महिलाओं के बीच किसी भी तरह के भाई-बहन के संबंधों का जश्न मनाने के लिए जाना जाता हैं।

रक्षा बंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे मुख्य रूप से भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से के लोगों द्वारा मनाया जाता है। अन्य हिस्सों के लोग भी इस त्योहार को उसी आस्तिकता से मनाते है। हालांकि रक्षा बंधन मनाने का तरीका हर क्षेत्र में अलग-अलग हो सकता है।

इस दिन बहिन अपने भाई के हाथ में राखी बांधती है और भाई उसे खुशी से उपहार देता हैं, दोनों एक दुसरे कि लम्बी उम्र कि दुआ करते है और भाई बहन कि रक्षा करने कि कसम खाता है।

राखी अर्थात रक्षासूत्र क्या है ?

राखी एक पवित्र धागा है। भारतीय परंपरा में राखी के धागे को लोह से मजबूत माना जाता है क्योंकि यह आपस में प्यार और विश्वास की परिधि में भाइयों और बहनों को दृढ़ता से बांधता है।

परंपराओं के अनुसार, बहन दिया,रोली,चावल और राखी के साथ पूजा थाली तैयार करती है। वे देवी की पूजा करती है उसकी पूजा अपने भाई की कलाई पर राखी से संबंध रखती है।

दूसरी तरफ भाई अपने प्यार को वादे के तौर पर व्यक्त करते है की वे हमेशा अपनी बहन के पक्ष में रहेंगे और हर स्तिथि में उसकी रक्षा करेंगे।

प्राचीन काल से इस त्योहार को उसी तरीके से और परंपरा से मनाया जाता आ रहा है। चूँकि जैसे जैसे लोगों की जीवनशैली बदल रही है वैसे ही इस पवित्र त्यौहार को मानाने की परंपरा बदलती जा रही है। इसलिए आज, इस उत्सव को व्यापक रूप से मनाया जा रहा है।

माता-पिता के लिए रक्षा बंधन का त्यौहार परिवारिक पुनर्मिलन के जैसा है क्योंकि उन्हें खुशी होती है जब वे अपनी संतान के बीच प्यार और उनको एकजुट देखते है।
इस दिन स्वादिष्ट भोजन, मिठाई आदि पकाया जाता है और परिवार के लोग अन्य शुभचिंतकों और रिश्तेदारों में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और एक दुसरे के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को बांटते हैं।

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