चर्चा के लिए दलित युवक ने गढ़ी थी उच्च जाति के युवकों के हमले की कहानी

गुजरात में उच्च जाति के युवकों पर ब्लेड से जख्मी करने का आरोप लगाने वाले 17 वर्षीय दलित युवक दिगंत माहेरिया ने झूठी कहानी गढ़ी थी। मामले की जांच कर रही गांधीनगर पुलिस ने यह बात कही है। पुलिस ने कहा कि दिगंत ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि मीडिया में आने के लिए उसने यह झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने कहा कि माहेरिया ने अपने पिता की मौजूदगी में स्वीकार किया कि उसके मित्र ने ही उसके कहने पर उसकी कमर में ब्लेड मारा था।

गांधीनगर के एसपी वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि दिगंत ने यह माना है कि उसने अपने दो मित्रों के साथ मिलकर यह मनगढंत कहानी रची थी।

यादव ने कहा, ‘एक 8 वर्षीय लड़के ने इस काम के लिए पास की एक दुकान से ब्लेड खरीदा था। शुरुआत में माहेरिया ने अपने दोस्तों को इस योजना के बारे में बताया तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया, लेकिन दबाव देने पर वह साथ देने के लिए राजी हो गया। माहेरिया के दो मित्रों से भी उनके पैरंट्स की मौजूदगी में पूछताछ की गई और उन्होंने स्वीकार किया कि वे इसमें शामिल थे। प्रदीप नाम के दोस्त ने दिगंत माहेरिया की पीठ पर ब्लेड मारा था।’

3 अक्टूबर को माहेरिया पर हमले की घटना से खासा विवाद पैदा हो गया था। यह मामला इसलिए भी चिंताजनक था क्योंकि कुछ दिन पहले ही पीयूष परमार और क्रुनाल माहेरिया की स्टाइलिश मूंछे रखने के चलते उच्च जाति के युवकों द्वारा पिटाई किए जाने की घटना सामने आई थी। इस मामले में कबूलनामे के बाद पुलिस का कहना है कि अब वह पीयूष और क्रुनाल के केस में भी तथ्यों की पड़ताल करेगी। पुलिस को संदेह है कि हालिया मामलों में जातीय हिंसा की बजाय निजी रंजिश के तहत हमले किए गए।

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