छतीसगढ़ में छोटे बजट की फिल्में सफल होंगी : राणा जंगबहादुर

रायपुर:  राणा जंगबाहदुर हिन्दी और पंजाबी फिल्म के अभिनेता शनिवार को प्रेसक्लब रायपुर में पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 175 फिल्में और 30,32 सीरियल में उन्होंने काम किया है। उनकी चर्चित फिल्म गोपी वाला तारा,(पुच्छल तारा) है। पंजाब में पुच्छल तारा को अनिष्ट कारक मना जाता है। उस पर फिल्म बनी थी,जो बहुत पापुलर हुई। 

पहले क्या करते थे : 
पंजाब विश्वविद्यायल में वे व्याख्याता थे लेकिन फिल्मों के प्रति प्रेम के कारण नौकरी छोड़कर वे मुम्बई गए। लगभग पांच छ: साल के बाद उन्हें फिल्म में काम मिला । जेपीदत्ता के संर्पक से उन्हें यतीम ,हथियार , बांटवारा में काबयाबी मिली। प्रमुख सीरियल में महाभारत में जरासंन्ध का रोल किया। उन्होंने कहा कि सनीदेवोल गोविंद आदि सभी प्रमुख कलाकारों के साथ अभिनय करना का अवसर मिला। किन्तु दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन के साथ काम को अवसर नही मिला। , मुलाकाते होती हैं उनसे मुझे प्रेरणा मिलती है। भविष्य का सपना है कि उनके साथ भी काम का अवसर मिले। प्रमुख फिल्मों के नाम पुछे जाने पर बातया कि यतीम,हथियार, बंटवारा, रोष, दूल्हेराजा,आखियों से गोली मारे ,और इश्क में पड गया रे। प्रमुख सीरियल महाभारत , तारा, परम्परा ,दरार ,अंदाज और अकबर बीरबल है। 

विश्व में पानी को लेकर होगा युद्ध : जंगबहादुर 

फिल्मों में संदेश देने के विषय में उन्होंने तीन बाते कही पहला भूण हत्या सबसे बड़ा गुनाह है। महिलाओं की इज्जत करनी चाहिए। कुदरत (भगवान )के बाद महिलाओं का स्थान है। उन्होंने दूसरी बात ड्रग्स कट्रोल और तीसरी बात पानी को बचाने पर जोर दिया। पानी के दुरुपयोग को रोकने का आग्रह करते हुए कहा कि विश्व में पानी को लेकर ही भविष्य में लड़ाई होगी। पानी के क्षेत्र में माफिया खड़े हो चुके है। बोतल बंद पानी ,मिनरल वाटर की ओर संकेत किया। पानी की रक्षा के लिए लोंगो के पास हल है, किन्तु लोंगो की निगाह सरकार की ओर रहती है। यदि हम 20-20 की दूरी में पेड़ लगाए तो पानी की समस्या से निजात मिलेगा। 

जो अच्छा काम करे वही अच्छा : 

एक प्रश्र के उत्तर में नेता और अभिनेता में अच्छा कौन है? उत्तर में उन्होंने कहा कि जो अच्छा काम करता है वे अच्छे लगते है। आदमी काम से जाना जाता है,सियासत में भी जो भी काम करेगा लोग उसे ही पसंद करेगें, और जो बुरा काम करता है,उसे जनता चप्पल मार का गिरा देती है।

उन्होंने नरसिम्हा राव और मनमोहन सिह के कार्याे को सराहा मोदी के विषय के में उन्होंने कहा कि जीएसटी अच्छा है,कांग्रेस के समय भी जीएसटी 18 प्रतिशत था। नोटबंदी का क्या हाल है आप जानते है, किन्तु मोदी के बारे कुछ कहने के लिए कम से कम उन्हें 10 वर्ष देना होगा, तभी उनके बारे में राय रखा जा सकता है। 

छतीसगढ़ में फिल्मों के भविष्य के विषय में उन्होंने छोटे बजट की फिल्में बनाने की राय दी। और छतीसगढ़ सरकार से टेक्स में छुट और थियटर की बुकिग पूर्व में ही कर ली जाए, ताकि फिल्म रिलीज होने पर पूर्व निर्धारित थियटरों में वे फिल्में अनिवार्य रूप से चालाई जावें। उन्होंने भोजपुरी ,पंजाबी ,दक्षिण भारत का उदाहरण दिया, पहले छोटी बजट की फिल्म बनती थी, अब जाकर 5,6 करोड़ से लेकर 18 करोड़ तक की फिल्म बन रही है।

छतीसगढ़ी फिल्म का बजट 50-60 लाख होनी चाहिए । उचित होगा कि इसके लिए दिल्ली जैसे जगहो में रंगमंच में प्रस्तुति करण किया जाए । फिल्म और सीरियल में प्रसिद्धि पर सुखद अनुभुति कब होती है इस पर उन्होंने कहा कि सुखद अनुभुति सुटिंग के दौरान और स्टेज में जब अभिनय के लिए तालियां बजती है,तभी आत्म संतुष्टि होती है। फिल्मों में संतुष्टि टुकड़ो-टुकड़ो में मिलती है।

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