मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : गरीब परिवारों की 75 हजार बेटियों की बसी गृहस्थी : डॉ. रमन

-राजधानी के सरोना में 119 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

रायपुर।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सरोना में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 119 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।

समारोह का आयोजन राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री रमशीला साहू, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी वीणा सिंह सहित उनके परिवार के सदस्य तथा राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ की अध्यक्ष इला कल्चुरी सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। आयोजन सरोना स्थित ठाकुर विघ्नहरण सिंह भवन में किया गया। समारोह में विभिन्न समाजों के वर-वधुओं का विवाह सम्पन्न हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा – 2005 से प्रारंभ इस योजना के तहत प्रदेश में विगत लगभग तेरह साल में गरीब परिवारों की 75 हजार बेटियों के विवाह सम्पन्न हो चुके हैं और उनकी गृहस्थी बसी है।

मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में समय-समय पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों में बेटियों को आशीर्वाद देने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा- जब बेटियों का विवाह होता है तो यह प्रत्येक माता-पिता और परिवार के लिए एक भावुक क्षण और दिल को छू लेने वाला मौका होता है। मुख्यमंत्री ने सभी नवदंपत्तियों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद देते हुए कहा कि जिस तरह विभिन्न रंग और खूशबू के फूल मिलकर एक गुलदस्ता बनाते है उसी तरह इस आयोजन में सभी वर्ग के लोग शामिल होते है जोकि छत्तीसगढ़ की पहचान और ताकत है।

उन्होंने कहा कि पहले बेटी की शादी के लिए गरीब परिवारों को घर और जमीन तक बेचना पड़ जाता था पर अब बेटियों के विवाह की चिंता नही करनी पड़ती। उन्होंने नवदंपत्तियों को अपनी आगे की पढ़ाई सतत रूप से जारी रखने, व्यसनों से दूर रहने, बुजुर्गो का सम्मान करने तथा छोटा परिवार-सुखी परिवार का आदर्श स्थापित कर अपने जीवन को सुखमय बनाने का आव्हान किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी वर-वधुओं राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ द्वारा प्रदत्त उपहार एवं मुनगा और आवंला के पौधे भी वितरित किए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों के कल्याण एवं विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सभी वर्गो के गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह के लिए सहायता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि आज इस आयोजन में विवाह करने वाले जोड़ों ने कन्या भू्रण हत्या नही करने, दहेज न लेने और न ही दहेज देने की शपथ भी ली है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन के विवाह करने पर 50 हजार रूपए और यदि वर-वधु दोनों दिव्यांग है तो उन्हें एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता ने बताया कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बलिकाओं के संबंधित सूचकांक देश के अन्य राज्यों से बेहतर है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सन् 2005 से संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अब तक 75 हजार से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे है।

राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत प्रत्येक कन्या के विवाह के लिए 15 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पिछले साल से सूखा पीड़ित किसानों की बेटियों के विवाह के लिए 15 हजार रूपए की राशि को बढ़ाकर 30 हजार रूपए कर दिया गया है। जिसके तहत अब तक 13 हजार 88 किसान परिवारों को इस योजना का लाभ दिया गया है।

कार्यक्रम में रायपुर शहर की गुढ़ियारी निवासी माधुरी मानिकपुरी ने बताया कि वह अत्यंत गरीब परिवार से हैं। उनके पिता रिक्शा चलाकर जीवन यापन करते है। पिता को मेरे विवाह की हमेशा चिंता रहती थी। उनकी यह चिंता आज मुख्ममंत्री कन्या विवाह योजना से दूर हो गई है। आज मैं बहुत खुश हॅू कि मेरे विवाह में आशीर्वाद देने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री सपरिवार उपस्थित हुए है।

मैं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती हॅू। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्याम बैस, श्रत्रीय महासभा के अध्यक्ष अवधेश गौतम, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक राजेश सिंह राणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक सोनी सहित बड़ी संख्या में वर-वधुओं के परिजन उपस्थित थे।

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