मानवता की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण बने समाजसेवक करन गोयल

रितेश गुप्ता:

बिलासपुर: समाज सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं। समाज सेवा अगर नि:स्वार्थ भाव से की जाए तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है।
इस बात को सही सिद्ध किया शहर के समाजसेवक युवक करण गोयल ने जो एक बीमार महिला के लिये AB नेगेटिव रक्त की तलाश में सोशल मीडिया से लेकर सभी जगह जरूरतमंद के लिये रक्त की ब्यवस्था के लिये जूझ रहे थे ।

जरूरतमंद बीमार महिला के लिये AB नेगेटिव ब्लड का ब्यवस्था

और जब सोशल मीडिया से बात नही बनी तो शहर के अलग अलग रक्तदाता समूह चलाने वाले संस्था से सम्पर्क किये तब जाकर जरूरतमंद बीमार महिला के लिये AB नेगेटिव ब्लड का ब्यवस्था हो पाया

मामला है मुंगेली थाना में पदस्त अजय चंद्राकर जी के माता जी को 2 यूनिट AB नेगेटिव रक्त की अति आवश्यकता थी चूंकि AB नेगेटिव बहुत ही दुर्लभ रक्त समूह होता है इस कारण इस समूह के रक्त का जल्दी से इंतज़ाम नही हो पाता।

करन गोयल व संदीप दीक्षित ने लिया खून के ब्यवस्था करने का जिम्मा

इसी बात को ध्यान में रखते हुए समाज सेवक करन गोयल व संदीप दीक्षित ने खून के ब्यवस्था करने का जिम्मा लिया व खून के इंतजाम के लिये जद्दोजहद सोशल मीडिया से लेकर निजी संपर्कों के माध्यम से जरूरी रक्त के लिये दिनभर जूझने के बाद बिलासपुर रक्तदान फाउंडेशन के अविनाश मोटवानी के द्वारा 1 यूनिट खून का ब्यवस्था करवाया।

रक्तदाता प्रकाश सोनी ने रक्तदान कर बीमार महिला को स्वस्थ होने में मदद किया किंतु और 1 यूनिट की जरूरत होने की वजह से ब्लड मेडिसिन ग्रुप पेंड्रा के आलोक तिवारी से संपर्क किया गया

समाजसेवक करन गोयल ने जरूरतमंद के लिये किया निःस्वार्थ भाव से प्रयास

जिसमे आलोक तिवारी तुरंत ही पेंड्रा निवासी आनंद साहू जिनका रक्त का AB नेगेटिव रक्त समूह हैं उनसे संपर्क करके रक्तदान कर जरूरतमंद की मदद किया, इस पूरे घटनाक्रम के प्रमुख पात्र रहे समाजसेवक करन गोयल जो एक जरूरतमंद के लिये निःस्वार्थ भाव से प्रयास किये और सफल हुए।

समाजसेवक करन गोयल ने रक्तदान के पश्चात कहा कि, मानव जीवन तभी सार्थक है जब वह दूसरे के लिए खासकर पीड़ित मानवता के लिए काम आ सके। उन्होंने कहा कि रक्त न तो बनाया जा सकता है और न ही खरीदा जा सकता है।

रक्त की उपलब्धता रक्तदान से ही संभव है। प्रत्येक व्यक्ति जिसकी उम्र 60 वर्ष से कम है । हर तीसरे महीने रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से शरीर पर कोई बुरा असर नही पड़ता है।

रक्तदान के लिए सभी आगे आए, कुछ ही घंटो बाद रक्त पुन: तैयार हो जाता है, रक्तदान के अनेक फायदे हैं। जैसे दान में दिया गया रक्त किसी की जान बचाने के काम आता है, शरीर के अंदर ऐसी कई कोशिकाएं जन्म लेती, जिनका कोई उपयोग नही होता है।

रक्तदान से ये कोशिकाएं स्वयं खत्म हो जाती है साथ ही शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। समाजसेवक करन गोयल ने सभी से अपील की है कि, जीवन-मरण से संघर्ष कर रहे पीड़ित मानव की सेवा हेतु आगे आए तथा रक्तदान अवश्य करें।

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