सौर ऊर्जा की ताकत से रोशन होगा महाकाल मंदिर परिसर, होगी बिजली के बिल की भी बचत

उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर से रविवार को एक अच्छी खबर सामने आई. जानकारी के मुताबिक अब महाकाल मंदिर सौर ऊर्जा से रोशन हो सकेगा

उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर से रविवार को एक अच्छी खबर सामने आई. जानकारी के मुताबिक अब महाकाल मंदिर सौर ऊर्जा से रोशन हो सकेगा. इसके लिए मंदिर परिसर में सवा सौ किलो वॉट का नेट मेटरिंग आधारित सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाया जाएगा. बताया जा रहा है कि यह कार्य तीन स्तर पर होगा. जिसमें 560 यूनिट रोज बिजली मंदिर को मिल सकेगी. इससे मंदिर समिति को बिजली बिल की काफी बचत होगी.

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”अगर आप पढ़ना नहीं
चाहते तो क्लिक करे और सुने”]

करीब 700 यूनिट बिजली की होती है आवश्यकता
आपको बता दें कि मंदिर में प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य जरूरी कामों के लिए करीब 700 यूनिट बिजली प्रतिदिन की आवश्यकता रहती है. इस हिसाब से जब यह संयंत्र चल जाएगा तो मंदिर समिति को केवल 140 यूनिट बिजली की अतिरिक्त आवश्यकता होगी जो उसे बिजली कंपनी से लेनी पड़ेगी बाकि बिजली की पूर्ति सोलर ऊर्जा से हो जाएगी. हालांकि, यहां आपको ये भी बता दें कि मंदिर परिसर में 35 किलो वाट का एक सोलर प्लांट पहले से काम कर रहा है.

खुद की बिजली पर निर्भर होगा महाकाल मंदिर
खुद की बिजली पर निर्भरता के लिए विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में उठाये गए इस कदम के लिए महाकाल मंदिर में ही सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाया जाएगा. बताया जा रहा है कि इसके लिए मंदिर की छतों का चयन कर लिया गया है.

560 यूनिट प्रतिदिन बिजली मंदिर को मिलेगी
जानकारी के मुताबिक ऊर्जा विकास निगम द्वारा तीन माह में सोलर संयंत्र का प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा. जिसे फिर मुख्यालय भोपाल भेजा जाएगा. जहां से स्वीकृति के बाद इसके टेंडर लगाए जाएंगे. ठेका स्वीकृत होने पर कार्य शुरू किया जाएगा. जिससे 560 यूनिट प्रतिदिन बिजली मंदिर को मिल सकेगी.

होगी चार से पांच लाख रुपयों के बिजली बिल की बचत
उम्मीद की जा रही है कि यह संयंत्र लगने से मंदिर समिति को चार से पांच लाख रुपयों के बिजली बिल की बचत हो सकेगी. इस संयंत्र को लगाने में अंदाजन करीब सवा करोड़ रुपए का खर्च आएगा. महाकाल मंदिर प्रबंध समिति इसका भुगतान करेगी. अभी हर महीने चार से पांच लाख रुपयों के बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं. अब धर्मशाला सहित अन्न क्षेत्र भी सोलर उर्जा से जगमग होगा.

Back to top button