छत्तीसगढ़

सौर सुजला योजना : किसानों की आमदनी हुई दो से तीन गुनी

न बिजली बिल और न ही पानी की दिक्क्त

जशपुरनगर : जिले के अविद्युतीकृत क्षेत्रों के कृषक, जिनके यहां सिंचाई हेतु पानी के साधन तो थे किन्तु पंप चलाने के लिए विद्युत व्यवस्था नहीं थी, ऐसे कृषकों को सौर सुजला योजनांतर्गत क्रेडा एवं कृषि विभाग के सहयोग से सोलर पंप बहुत ही कम कीमत पर लगवाकर कई प्रकार के फसलों का उत्पादन किया जा रहा है।

जिससे किसानों की आय में दो से तीन गुनी बढ़ोतरी हुई है। कई कृषक पूर्व में डीजल पंप का उपयोग कर सिंचाई करते थे जिन्हें डीजल पर बहुत अधिक व्यय करना पड़ता था, वह भी सोलर पंप योजना का लाभ लेकर गेहंू, धान, टमाटर, मिर्च, गोभी एवं अन्य फसलों का उत्पादन कर आर्थिक लाभ ले रहे हैं।

क्रेडा विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस योजनांतर्गत 03 एच.पी. एवं 05 एच.पी. क्षमता (सरफेस/सबमर्सिबल पंप) के सोलर पंप प्रदान किए जाते हैं। जिसमें अनु.ज.जाति, अनु.जाति वर्ग के हितग्राहियों को पंप केवल 10,000 एवं 15,000 रुपए में प्रदाय किया जा रहा है। इसी प्रकार अन्य पि.वर्ग. को 15,000 एवं 20,000 एवं सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को मात्र 20,000 एवं 25,000 रुपए में पंप दिया जा रहा है।

दुलदुला के ग्राम-बम्हनी के हितग्राही गोवर्धन होता को सौर सुजला योजनांतर्गत 03 एच.पी. क्षमता के सोलर पंप स्थापना कराकर 4 एकड़ भूमी में टमाटर का उत्पादन कर लगभग दो लाख पचहत्तर हजार की आय हुई है। इसी प्रकार अन्य हितग्राहियों को भी सौर सुजला योजना का लाभ लेकर अच्छी आमदनी हो रही है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016-17 में जिला जशपुर को 700 नग सोलर पंप स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ था जिसके विरूद्ध 938 नग सोलर पंप स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्ष 2017-18 में जिला जशपुर में 1200 नग सोलर पंप स्थापना हेतु लक्ष्य निधारित किया गया था। जिसके विरूद्ध 1675 का स्वीकृति जारी कर सोलर पंप का स्थापना कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

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