गुजरात में BJP को हराने के लिए एकजुटता

गुजरात का चुनावी बिगुल कभी भी बज सकता है. ऐसे में बीजेपी के खिलाफ सारे विरोधी एक होते दिख रहे हैं. राज्य में बड़े ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस का दामन थामने की तैयारी कर ली है. ओबीसी एससी/एसटी एकता मंच के संयोजक अल्पेश ठाकोर ने राहुल गांधी से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार अल्पेश ठाकोर इसके बाद कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं.

वहीं जिग्नेश मेवानी ने राहुल गांधी के न्यौते पर कहा कि दिल्ली में उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं की है. हालांकि उनका पूरा फोकस बीजेपी को हराने पर है. उन्होंने कहा कि संविधान विरोधी बीजेपी को किसी कीमत पर भी हटाना है.

वहीं पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी घोषणा की है कि कांग्रेस ने शर्तें मानी तो समर्थन देने को तैयार हैं. पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने यह भी कहा उन्हें भरोसा है कि कांग्रेस उनकी बात मानेगी.

आपको बता दें कि सबकी नजरें 23 अक्टूबर को ओबीसी एससी/एसटी एकता मंच के संयोजक अल्पेश ठाकोर की अहमदाबाद में होने वाली रैली पर भी है. इस रैली को ‘जनादेश सम्मेलन’ का नाम दिया गया है.
गुजरात के चुनावी रण में ओबीसी वोटों का कितना महत्व है, यह इसी से साफ है कि राज्य में 54 फीसदी ओबीसी यानी अति पिछड़े वर्ग की आबादी है. यही वजह है कि अल्पेश चुनावी चौसर पर अपना दांव बेहद चतुराई से चल रहे हैं.अल्पेश दावा कर रहे हैं कि इस रैली में 5 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे. अल्पेश इसी रैली में गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति की घोषणा करेंगे. अल्पेश सार्वजनिक मंचों से बीजेपी को हराने की हर मुमकिन कोशिश की घोषणा कर चुके हैं.

इससे पहले शनिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला. कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश समेत दूसरे युवा नेताओं को साथ आने का न्योता दिया है.

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने सार्वजनिक तौर पर बीजेपी विरोधी नेताओं को ये न्योता भेजा है. सोलंकी ने जनता दल यूनाइटेड के नेता छोटू भाई वसावा को भी साथ आने का निमंत्रण भेजा है. वसावा वही नेता हैं, जिन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल को वोट देने का दावा किया था. वो पटेल के काफी करीबी माने जाते हैं.

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