शाहीन बाग में अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं कुछ लोग

वरिष्ठ अधिकारियों से मार्च निकालने की इजाजत के बाबात बात की

नई दिल्ली: शाहीन बाग में कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं. रविवार को तय किया गया था कि सभी प्रदर्शनकारी गृहमंत्री अमित शाह के आवास की ओर कूच करेंगे,

लेकिन इजाजत नहीं मिलने से आखिरी वक्त में यह नामुमकिन हो गया. उस दौरान वहां पहुंचे मीडिया के कैमरों में दिखने की होड़ मच गई. प्रदर्शनकारी आपसी तालमेल न होने की बात कहते हुए एक-दूसरे से कई बार लड़ते देखे गए.

आखिरकार यह तय हुआ कि वहां मौजूद डीसीपी आर.पी. मीणा और एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश से सिर्फ ‘दादियां’ बात करेंगी. एक दादी का नाम सरवरी और दूसरी का नाम बिल्किस है. उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मार्च निकालने की इजाजत के बाबात बात की.

अधिकारियों ने कहा, “हमने आपकी अर्जी दिल्ली पुलिस हेडक्वॉर्टर को भेज दी है, चीजें प्रक्रिया में हैं. वहां से इजाजत आएगी तो हम आपको बता देंगे और आपको सुरक्षा मुहैया कराके ले जाएंगे.”
प्रदर्शनकारियों में कई लोग ऐसे भी थे जो इस बात पर जोर दे रहे थे कि एक कमेटी होनी चाहिए जो हर चीज तय करे. फिलहाल शाहीनबाग में सभी प्रदर्शनकारी अपनी जगह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं.

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