छत्तीसगढ़

स्कूल संचालक के प्रति क्षेत्र में कही शिक्षक परेशान तो कही पालक परेशान

पालकों ने सौपा फीस बढ़ाये जाने के विरोध में ज्ञापन

अभनपुर: अभनपुर के गोबरा नवापारा नगर में लगातार स्कूल संचालक द्वारा मनमानी रवैये से कही स्कूल के शिक्षक परेशान है तो कही पालक फीस बढ़ाये जाने से परेशान हैं। जिसकी शिकायत शिक्षा जे उच्च अधिकारियों के साथ साथ कलेक्टर को भी दिया गया है।

आपको बता दे कि कुछ दिन पूर्व गोबरा नवापारा नगर के नवकार पब्लिक स्कूल के शिक्षकों द्वारा नवकार पब्लिक स्कूल के संचालक के विरुद्ध जिलाशिक्षा अधिकारी के साथ कलेक्टर रायपुर को शिकायती पत्र दिया गया था।

वही समीप पटेवा में संचालित विश्वभारती पब्लिक स्कूल के संचालक द्वारा फीस बढ़ाये जाने पर पालक गन संचालक के विरोध में इक्कठा हुए और बताया कि विगत 10 वर्ष पूर्व डाल्फिन इंग्लिश स्कूल का संचालन किया जा रहा था तथा पालकों को सब्जबाग दिखाकर मोटी फीस वसूल कर गायब हो गया जिसके कारण पालकों एवं छात्रों के भविष्य के समक्ष गंभीर स्थिति निर्मित हो गई थी जिसके कारण पालकों के संयुक्त प्रयास एवं शाला प्रबंधक के कुछ सदस्यों के सहयोग से पंचकोशी शिक्षण समिति के अंतर्गत विश्व भारती पब्लिक स्कूल प्रारंभ किया गया जिसका एक मात्र उद्देश्य छात्र – छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना तथा स्थानीय पालकों को राहत देना प्रमुख उद्देश्य रहा है ।

यह कि वर्तमान में वैश्विक महामारी कोविड -19 का कहर जारी है जिसके कारण शाला प्रारंभ नहीं हो पाया है तथा कई पालकों का रोजगार छिन गया है तथा आय में व्यापक कटौती हुई है जिसके कारण पालकगण अपने स्वयं परिवार का भरण – पोषण एवं अपने पाल्य के आवश्यकताओं के पूर्ति करने में असमर्थता महसूस कर रहे है ।

उक्त स्थिति में भी विद्यालय द्वारा शिक्षण शुल्क में भारी वृद्धि तथा विद्यालयीन शुल्क बढ़ाकर भुगतान करने की मांग किया जा रहा है जो कि असामयिक तथा छात्र – छात्राओं एवं पालकों के लिए कष्टदायी साबित हो रहा है ।

वर्तमान में शिक्षण सत्र प्रारंभ होना या ना होना असमंजस की स्थिति में है जिसके उपरांत भी शाला प्रबंधन द्वारा पालकों को फोन के माध्यम से बढ़ी हुई शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु दबाव डाला जा रहा है जिसके कारण छात्र – छात्राओं एवं पालकों को काफी परेशानियों का सामन करना पड़ रहा है ।

विद्यालय प्रबंधन द्वारा बिना पालको के सहमति से शिक्षण शुल्क में भारी वृद्धि किया जाना तानाशाही प्रवृत्ति का परिचायक एवं विद्यालय प्रारंभ करने के उद्देश्यों के विपरीत है जिसके कारण शिक्षण शुल्क एवं विद्यालयीन / प्रबंधन शुल्क मे की गई भारी वृद्धि को तत्काल वापस लेना अति आवश्यक है ।

साथ ही बताया माननीय छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा स्पष्ट रूप से आदेशित किया है कि कोविड -19 कोरोना काल के पश्चात् स्थिति सामान्य होने तथा अन्य शुल्क में वृद्धि ना कर पालकों एवं छात्रों को अतिरिक्त बोझ नहीं देने का आदेश किया गया है कि उपरांत भी शाला प्रबंधन द्वारा शिक्षण शुल्क एवं विद्यालयीन शुल्क में गलत ढंग से निर्णय को परिभाषिक कर अवैध रूप से शुल्क की मांग किया जा रहा है जो कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना है ।

और इस वैश्विक महामारी में निर्धारित बढ़ी हुई शिक्षण शुल्क एवं विद्यालयीन शुल्क का भुगतान पालकों के द्वारा किया जाना मुश्किल तथा असंभव है जिसके कारण शुल्क वृद्धि वापस लेकर पूर्व सत्र के अनुसार तथा विद्यालयीन शुल्क को माफ कर छात्र – छात्राओं एवं पालकों के हित में होगा जिसे ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना उचित होगा ।

यह सब बातों को पालक गन अपने आवेदन में स्कूल प्रबंधन पर कलेक्टर के नाम पर गोबरा नवापारा के नायब तहसीलदार को दिया गया । वही स्कूल के प्राचार्य को भी पालकों ने ज्ञापन सौंपा। अब देखना हैं कि प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करते हैं।

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