कुछ ऐसी चीजें जिसे केवल देखने मात्र से मिलेगा पुण्य फल की प्राप्ति

गरुड़ पुराण में इन चीजों का उल्लेख किया गया है

जीवन में पुण्य कमाने के लिए हर व्यक्ति कोई न कोई ऐसे काम करता है जिसे उसे पुण्य की प्राप्ति हो सके। इसके लिए वे कई बार तीर्थ यात्रा, व्रत, अनुष्ठान, यज्ञ और पूजा-पाठ आदि भी करते हैं।

आज हम आपको बताएंगे कि गरुड़ पुराण में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं जिन्हें केवल देखने से ही पुण्य की प्राप्ति होती है। तो चलिए जानते हैं उन चीज़ों के बारे में-

श्लोकः

गोमूत्रं गोमयं दुन्धं गोधूलिं गोष्ठगोष्पदम्।

पक्कसस्यान्वितं क्षेत्रं द्ष्टा पुण्यं लभेद् ध्रुवम्।।

अर्थः गोमूत्र, गोबर, गाय का दूध, गोधूलि, गोशाला, गोखुड़ और पकी हुई फसल से भरा खेत देखने से पुण्य लाभ होता है।

शास्त्रों के अनुसार गोमूत्र को बहुत ही पवित्र माना गया है। माना जाता है कि गोमूत्र में मां गंगा का वास होता है। आज के समय में बहुत से लोग इसे औषधि के रूप में भी प्रयोग करते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार गोमूत्र को देख लेने मात्र से ही पुण्य की प्राप्ति होती है।

हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है। ऐसा माना गया है कि गाय में 33 कोटि के देवी-देवताओं का वास होता है। उसी तरह गाय के गोबर का भी उतना ही महत्व होता है।

पुराने समय में कई लोग अपने घरों को पवित्र करने के लिए गाय के गोबर का प्रयोग करते थे और आज के समय में भी कहीं कहीं ये सब देखने को मिलता है। कहते हैं कि यदि मनुष्य पवित्र भावना से गाय के गोबर को देख ले तो उसे पुण्य की प्राप्ति हो जाती है।

जब गाय चलती है तो उसके पांव से जमीन पर पड़ी धूल उड़ती है तो उसे गोधूलि कहा जाता है। कहते हैं कि जो व्यक्ति गोधूलि को देख ले तो उसे कई गुना पुण्यफल प्राप्त होता है।

शास्त्रों में कहा है कि अगर कोई व्यक्ति गोशाला के दर्शन कर लें तो उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। क्योंकि ये स्थान भी मंदिर के समान पवित्र और पूजनीय होती है। जो मनुष्य रोज गोशाला जाकर गायों की सेवा करता है उसे भगवान कृष्ण के धाम गोलोक की प्राप्ति होती है।

गाय के पांव का सबसे निचला हिस्सा गोखुड़ कहा जाता है। इसके पैर को तीर्थ के समान माना जाता है। किसी भी शुभ काम पर जाते समय यदि गोखुड़ का दर्शन कर लिया जाए तो काम में सफलता मिलती है।

कहा जाता है कि फसलों से भरा हुआ खेत अगर कोई देख ले तो उसे पुण्य की प्राप्ति होती है।

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