कुछ ऐसे थे कादर खान के आखिरी पल, इस शख्स के बारे में करते थे बात

कादर खान का 22 अक्टूबर जन्म साल 1935 में अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था।

बॉलीवुड में अपनी दमदार अदाकारी और डायलॉग डिलीवरी से दर्शकों का दिल जीतने वाले दिग्‍गज एक्‍टर कादर खान अब हमारे बीच नहीं रहे।

लंबी बीमारी के चलते एक जनवरी को कनाड़ा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। कादर खान का 22 अक्टूबर जन्म साल 1935 में अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था।

उनका बचपन बेहद गरीबी में गुजरा था। कादर खान ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1974 में रिलीज हुई फिल्म सगीना से की थी।

भले ही वे अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके किस्से और कहानियां हमेशा उनके फैंस के दिलों में ताजा रहेगी।

कोमा में चले गए थे कादर खान

कादर खान की हालत बिगड़ने की वजह से उन्हें पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें कि, निधन से पहले वे कोमा में चले गए थे।

अस्पताल में भर्ती होने के बाद से उन्होंने कुछ नहीं खाया-पीया था। इस तरह बिना खाए-पीए उन्होंने लगभग 5 दिन 120 घंटे गुजार दिए थे।

जीवन के आखिरी समय में उन्होंने लोगों से बातचीत करना तक बंद कर दिया था।

चेहरे पर थी मुस्कान

कादर खान के बेटे ने बताया था कि, मेरे पिता के आखिरी कुछ साल बहुत दर्द भरे थे। लेकिन, उनके फैंस को यह जानकर खुशी होगी कि, जिन्हें वे प्यार करते थे उनके बीच ही गुजरे।

अंतिम समय तक उनके तीनों बेटों ने उनकी देखभाल की और उनके साथ रहे। वे जब गुजरे को उनके चेहरे पर मुस्कान थी।

अक्सर बच्चन साहब के बारे में बात करते थे कादर खान

कादर खान के निधन के बाद बेटे सरफराज ने हालही में बताया था कि, ‘मैं अक्सर अपने पिता से पूछता था कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम लोगों में से सबसे ज्यादा आप किसे याद करते हैं,

इस पर उनका सीधा जवाब होता था-बच्चन साहब।’ वे अपने अंतिम दिनों में भी बच्चन साहब को बहुत याद करते थे। वे अक्सर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अलग-अलग किस्से सुनाया करते थे।

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