कहीं आपके शादी में देरी का कारण कुछ ये तो नहीं……

कुंडली में शादी के योग तो बनेंगे इसके साथ ही आपको बहुत अच्छा लाइफ पार्टनर भी मिल सकता है

हर मां-बाप का यही सपना होता है कि उनके बच्चों की शादी सही उम्र में हो जाए लेकिन कई बार कुछ लोगों की शादी में न चाहते हुए भी देरी होती है। लाख कोशिशों के बाद उनकी शादी के बीच कोई न कोई मुश्किल आ ही जाती है।

ये समस्या किसी एक की नहीं बल्कि बहुत से लोगों की है जो एक बहुत बड़ी परेशानी का कारण कहलाती है। लेकिन वो कहते हैं कि जब तक शादी के योग नहीं बनते तब तक शादी होना संभव नहीं हो पाता। तो अगर आप के कुंडली के योग भी आपका साथन नहीं दे रहे जिसे वजह से आपके विवाह में देरी हो रही है।

तो हम आज आपकी इस परेशानी का हल लेकर आए हैं। जी हां, हम आपको आज कुछ ऐसा बताएंगे जिससे आपकी कुंडली में शादी के योग तो बनेंगे इसके साथ ही आपको बहुत अच्छा लाइफ पार्टनर भी मिल सकता है।

तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे उपाय जिससे जल्द ही आपकी शादी भी सकती है। ज्‍योतिष शास्त्र के साथ-साथ रत्‍न शास्‍त्र भी ऐसा शास्त्र है जिसमें व्यक्ति के जीवन की परेशानियों का समाधान छिपा हुआ है।

कहा जाता है कि ऐसे कई खास रत्‍न होते जिन्हें धारण करने से आपके जीवन में भी शहनाई बज सकती है। मगर ध्यान रहे कि इन रत्नों को धारण करने से पहले किसी ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली ज़रूर दिखवा लें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पन्ना धारण करने से पहले कुंडली के ग्रहों की स्थिति को जानना बहुत ज़रूरी होता है।

जानते हैं इन रत्‍नों के बारे में…

पुखराज


माना जाता है जिन लड़कियों का विवाह न हो रहा उन्हें पुखराज रत्न को धारण करना चाहिए, इससे लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा ये भई कहा जाता है कि इसे पहनने से उन महिलाओं को भी लाभ मिलता है जिनके वैवाहिक जीवन में समस्‍याएं आ रही हैं। मगर इस बात का ध्यान रखें कि तुला और वृषभ राशि के जातक कभी भी पुखराज रत्न को धारण न करें।

रूबी


जिन लोगों की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमज़ोर के होती है उनकी शादी में भी देरी होती है। ऐसे में इन्हें रूबी धारण करना चाहिए, इससे विवाह की राह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सूर्य के दुष्‍प्रभाव भी कम होते हैं। कहा जाता है कि इससे उनकी कुंडली के 7वें भाव में सूर्य की स्थिति मज़बूत होती है।

गोमेद


इस रत्न को धारण करने से कुंडली के 5वें भाव में स्थित राहू मज़बूत होता है। साथ ही विवाह की संभावनाएं बढ़ती हैं।

हीरा


इसे धारण करने से व्‍यक्ति के जीवन में शुक्र के सभी दुष्‍प्रभाव कम होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र का संबंध विवाह, संतान, भौतिक सुख से है। इसलिए कहा जाता है कि जिन जातकों की कुंडली के 7वें भाव में शुक्र की दशा हो तो विवाह में व्यवधान उत्‍पन्‍न होते हैं। तो अगर आपकी कुंडली में भी ऐसा है तो हीरा धारण कर लें, इससे आपको लाभ प्राप्त होगा।

नीलम


आप में से बहुत से लोग जानते होंगे कि शनि का मनपसंद रत्न नीलम है। इसलिए कहा जाता है कि जिन राशियों का स्‍वामी शनि हो उन्हें नीलम रत्न को धारण करना चाहिए। इसे धारण करने से शनिदेव प्रसन्‍न होते हैं और व्‍यक्ति के जीवन से सभी कष्टों को दूर कर देते हैं।

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