क्राइमराज्य

जिंदा पिता का डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर बैंक से पैसे लेने जा पहुंचा बेटा, मैनेजर की चालाकी ने खोली पोल…

धन की लालच में कुछ लोग अंधे होकर रिश्ते को भी तार-तार करते देते हैं

बिहार,बांका। धन की लालच में कुछ लोग अंधे होकर रिश्ते को भी तार-तार करते देते हैं, ऐसा ही एक मामला बिहार से आया है जहां जिंदा पिता को पुत्र ने न केवल मृत घोषित करवा दिया बल्कि पैसे निकालने बैंक भी जा पहुंचा लेकिन बेटे की चालाकी को बैंक मैनेजर ने पकड़ लिया जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ.

मां की मौत के बाद से ही थी संपत्ति पर नजर

मामला बांका जिला के शम्भूगंज थाना अंतर्गत कुर्मादिह पंचायत के रायपुरा से जुड़ा है. जीवित पिता देवेंद्र सिंह ने बताया कि बेटे आशुतोष कुमार द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत से उनको मृत घोषित कराते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र भी 21जून 2019 को जारी करवा लिया गया. बताया जाता है कि रायपुरा के 65 वर्षीय देवेंद्र सिंह की पहली पत्नी से एक पुत्र आशुतोष कुमार था लेकिन कुछ वर्षों बाद पत्नी की मृत्यु होने के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली थी. शादी के बाद से पहले पुत्र का कुछ खास वास्ता नहीं रहा और अपने ढंग से रहने लगा लेकिन पहली पत्नी की मौत होने के बाद ही पिता ने पहले पुत्र को ही अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था और लाखों रुपये समेत जेवरात बैंक में रखा थी.

पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से बनवाया फर्जी कागज

बेटा की दिक्कत थी कि पिता के रहते सम्पति हाथ आने में मुश्किल आ रही थी. शातिराना अंदाज में पहले पंचायत प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर मृत घोषित कराने के बाद पंचायत के सचिव के माध्यम से मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करवा लिया तब तक पिता को इसकी भनक भी नहीं लग पायी थी. अगली कार्रवाई करने में बेटे ने करीब एक वर्ष का समय बीता कर बैंक में रखे पैसे और जेवरात पर हक जमाने की कोशिश में कागजात को 12जुलाई 2020 को आगे बढ़ाया.

बैंक की जांच में हुआ खुलासा

शाखा प्रबंधक तक कागज पहुंचते ही मृत्यु प्रमाण पत्र में अंकित दिनांक और दावे के समय को लेकर कुछ शक हुआ तो निकासी पर तत्काल रोक लगाते हुए इसकी जांच का जिम्मा शम्भूगंज शाखा को दिया. जांच आगे बढ़ते ही पिता के जीवित होने का खुलासा हुआ तब पिता भी चौंक गए. मामले की जानकारी मिलते ही पिता बैंक पहुंचे और अपने को सशरीर उपस्थित करते हुए जिंदा होने का दावा किया और आगे शम्भूगंज थाना में लिखित आवेदन देते हुए मामले की पूरी तरह तहकीकात करने की गुहार लगायी है. मामले का खुलासा होते ही बेटा और संबंधित पंचायत प्रतिनिधि और पंचायत सचिव पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.

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