नहीं रहे शादी ब्याह में बुके की जगह नवयुगलों को बुक देने वाले वयोवृद्ध समाजसेवी सोनचंद्र वर्मा

रायपुर: शादी ब्याह में बुके की जगह नवयुगलों को बुक देने वाले वयोवृद्ध समाजसेवी ब्रहमपुरी निवासी सोनचंद्र वर्मा का गुरुवार दोपहर 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम कुरा बरोड़ा में ग्राम जन एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया गया।
दत्तात्रेय मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिवल्लभ अग्रवाल ने स्व. सोनचंद्र वर्मा को श्रध्दासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वे सेवा को अपना धर्म मानते थे।

उन्होंने दत्तात्रेय मंदिर की सेवा सहित संपूर्ण पुरानी बस्ती के विकास के लिए लंबा संघर्ष किया है। करीब 1 लाख बच्चों को मुफ्त शिक्षा सहित अपने निवास में नारायण पुस्तकालय की स्थापना कर वे पुरानी किताबों को घर-घर से इकट्ठा कर गरीब बच्चों को बांटा करते थे। उन्होंने यह अभियान भी चलाया कि विवाह एवं अन्य अवसर पर बुके की जगह युगल को जीवन उपयोगी पुस्तक एव साहित्य भेंट दी जाए।

गांधीवादी विचारक एवं समाजसेवी स्व. सोनचांद वर्मा भगवान श्री दत्तात्रेय महिमा जैसे कई पुस्तकें भी लिखीं हैं। खरोरा में 15 अगस्त 1913 में जन्मे स्व. सोनचंद्र वर्मा का पूरा जीवन समाज सेवा के लिए अर्पित रहा। सेवानिवृति के बाद भी वे शिक्षक की भूमिका निभाते रहे। उन्होंने समाज सेवा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

2016 में उन्होंने कुर्मी समाज के तिल्दाराज के तिल्दा नेवरा में छात्रावास निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार की राशि तिल्दाराज अध्यक्ष को सौंपी थी। समाज सेवी सोनचंद्र वर्मा के ब्रह्मलीन होने से पूर ब्रह्मपुरी मोहल्ले में शोक की लहर है।

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