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छात्रों के लिए घड़ियालू आंसू बहा रहीं सोनिया गांधी -निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देर रात बयान जारी कर कहा

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद मोदी सरकार को संसद में दूसरी बड़ी कामयाबी मिली जब उसने नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को दोनों सदनों से पारित करा लिया.

लेकिन नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) पर देश में हो रहे उत्पात के लिए कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया तो भाजपा ने हमला बोला है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देर रात बयान जारी कर कहा है कि ‘सोनिया गांधी की राजनीति अवसरवादिता पर केंद्रित है. वह छात्रों के नाम पर घड़ियालू आंसू बहा रहीं हैं. याद करें इंदिरा गांधी का दौर, जब दिल्ली के केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र तिहाड़ जेल भेजे गए थे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह विडंबना है कि सोनिया गांधी संविधान को तोड़ने की बात करतीं हैं. क्या यह सच नहीं कि यूपीए के दौर में वह नेशनल एडवाइजरी काउंसिल(एनएसी) के नाम पर किचन कैबिनेट चलाती थीं. जिसका कोई संवैधानिक आधार नहीं था. ‘किचन कैबिनेट’ ने हिंदुओं को टारगेट करने के लिए कम्युनल वायलेंस बिल बनाया था.’

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि सोनिया गांधी ने देश को अशांत करने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप जानबूझकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाया है. यह एक गैर जिम्मेदराना बयान है. अगर कांग्रेस जिम्मेदार विपक्ष होती तो वह लोगों से शांति की अपील करती न कि हिंसा को बढ़ावा देती.

निर्मला ने कहा, ‘कांग्रेस याद रखे कि नागरिकता संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पास है. क्या यह सच नहीं है कि मनमोहन सिंह ने 2003 में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाकर उन्हें नागरिकता देने की मांग की थी.’

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