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नॉर्वे बॉलीवुड फिल्म फेस्टिवल में Humanitarian Award 2020 से सम्मानित होंगे Sonu Sood

30 दिसंबर को होगा वर्चुअल समारोह

सोनू सूद की फिल्म दबंग का प्रीमियर भी इसी नॉर्वे बॉलीवुड फेस्टिवल में हुआ था. जिसमें सलमान खान ने हिस्सा लिया था. इस फिल्म में सोनू सूद नेगेटिव रोल में थे. वहीं अब इसी फिल्म फेस्टिवल में उन्हें इतने बड़े सम्मान से नवाज़ा जाना वाकई सोनू के लिए बड़ी बात है.

लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद (Sonu Sood) जिस तरह मसीहा बनकर लोगों की मदद के लिए सामने आए उसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जा रही है उतनी कम है. हर मंच पर उनकी खूब सराहना भी हो रही है. वहीं अब ख़बर आई है कि नॉर्वे बॉलीवुड फिल्म फेस्टिवल (Norway Bollywood Film Festival) में भी उन्हें सम्मानित किया जाएगा. यहां उन्हें मानवतावादी पुरस्कार 2020 (Humanitarian 2020) का सम्मान मिलेगा.

30 दिसंबर को होगा वर्चुअल इवेंट

एक वर्चुअल इवेंट के जरिए उन्हें इस सम्मान से नवाज़ा जाएगा जो 30 दिसंबर को होगा. लोरेंसकोग, ओस्लो के मेयर सोनू सूद को ये सम्मान देंगे. फेस्टिवल के निदेशक नसरुल्ला कुरैशी ने सोनू सूद की खूब तारीफें की हैं. उनके मुताबिक बिना किसी मतलब के सोनू सूद ने मानवता के लिए काफी कठिन समय में काम किया. इसीलिए उनके दूसरों को प्रेरणा देने वाले कामों को देखते हुए पूरी टीम ने उन्हें सम्मानित करने के बारे में सोचा.

सोनू की फिल्म दबंग का नॉर्वे फेस्टिवल में हुआ था प्रीमियर

खास बात ये है कि सोनू सूद की फिल्म दबंग का प्रीमियर भी इसी नॉर्वे बॉलीवुड फेस्टिवल में हुआ था. जिसमें सलमान खान ने हिस्सा लिया था. इस फिल्म में सोनू सूद नेगेटिव रोल में थे और उन्होंने खूब सूर्खियां बंटोरी थीं. वहीं अब इसी फिल्म फेस्टिवल में उन्हें इतने बड़े सम्मान से नवाज़ा जाना वाकई सोनू के लिए बड़ी बात है.

लॉकडाउन में की हज़ारों की मदद

सोनू सूद ने यूं तो हर तरह से इस बुरे और महामारी के दौर में लोगों की मदद की है. लेकिन सबसे पहले और सबसे ज्यादा उन्हें जिस काम के लिए नोटिस किया गया वो ये था कि उन्होने हज़ारों लोग जो मुंबई में फंसे हुए थे उन्हें उनके शहरों, गांवो तक पहुंचाय़ा. बसों के इंतज़ाम से लेकर उनके घर पहुंचने, खाने पीने का पूरा खर्चा सोनू सूद ने ही किया. सिर्फ बसों के जरिए ही नहीं बल्कि कई बार उन्होंने चार्टर्ड प्लेन के जरिए भी जगह जगह फंसे लोगों को उन्होंने निकाला. जुलाई के महीने में किर्गिस्तान में फंसे 1500 भारतीय छात्रो को प्राइवेट प्लेन के जरिए वो भारत लेकर आए. इसके अलावा भी अनगिनत लोगों की उन्होंने मदद की. यही कारण था कि इस महामारी में वो रीयल लाइफ हीरो की तरह नज़र आए.

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