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खतरे में है “भारतीय क्रिकेट” बोले सौरव गांगुली

सौरव गांगुली ने जताई चिंता, बोले- खतरे में है भारतीय क्रिकेट, जानिए वजह पूर्व कप्तान ने सीओए के दो खेमे में बंटने को लेकर उठाए सवाल, बोले- टीम इंडिया के कोच के चयन को लेकर अनुभव भयावह रहा

बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के मुखिया और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में चल रही गड़बड़ियों को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है।

सोमवार को वर्तमान घरेलू सत्र में क्रिकेटरों के चयन के नियमों में बदलाव को लेकर सवाल उठाने वाले गांगुली ने मंगलवार को बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना और कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी को मेल लिखकर बोर्ड में उठे यौन उत्पीड़न के मसले पर अपनी चिंता जाहिर की।

गांगुली ने खन्ना और चौधरी को भेजे इस मेल में लिखा है कि मैं बेहद डर की भावना के साथ आप सभी को यह मेल कर रहा हूं कि भारतीय क्रिकेट प्रबंधन कहां जा रहा है।

मैंने लंबे समय तक क्रिकेट खेला है जहां हमारा जीवन जीतने और हारने पर निर्भर करता था और हमारे लिए भारतीय क्रिकेट की छवि सर्वोपरि हुआ करती थी। हम अभी भी देख रहे हैं कि हमारा क्रिकेट कैसे आगे बढ़ रहा है

लेकिन गहरी चिंता के साथ मैं कहना चाहूंगा कि जिस तरह से भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में चीजें हुईं हैं, उसने लाखों प्रशंसकों के प्यार और विश्वास को नीचे ले जाने का काम किया है।

गांगुली ने बिना किसी का नाम लिए आगे लिखा कि मुझे नहीं पता कि इसमें कितनी सच्चाई है लेकिन उत्पीड़न की हालिया रिपोर्ट ने बीसीसीआई की छवि को धूमिल किया है।

खासतौर से जिस तरह से इस मसले को संभाला गया। मालूम हो कि बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं जिसकी जांच चल रही है।

हालांकि इस मसले पर सीओए प्रमुख विनोद राय और सदस्य डायना इडुल्जी के अलग-अलग राय हैं जिसको लेकर गांगुली ने हैरानी जाहिर की। गांगुली ने लिखा कि सीओए के सदस्यों की संख्या चार से घटकर दो हो गई लेकिन ये भी दो खेमों में बंटे हुए प्रतीत हो रहे हैं।

साथ ही उन्होंने लिखा कि घरेलू क्रिकेट के नियम बीच सत्र में बदल दिए जाते हैं जो पहले कभी सुनने को नहीं मिला था। तकनीकी समिति द्वारा लिए गए फैसले का निरादर करते हुए इसकी अनदेखी की जाती है।

कोच के चयन के मसले में मेरा अनुभव भयावह था। बोर्ड के कामकाज की देखरेख कर रहे मेरे एक दोस्त ने पूछा कि उन्हें किसके पास जाना चाहिए तो मेरे पास कोई जवाब नहीं था।

मुझे अंदाजा ही नहीं लग पा रहा है कि मुझे किस मसले पर किसके पास जाना चाहिए। आगे गांगुली ने भारतीय क्रिकेट की छवि का हवाला देते हुए देश में क्रिकेट के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई।

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