स्पेन ने जीत की हासिल पहुंचा प्री-क्वार्टर फाइनल में

ग्रुप-बी का बेहद रोमांचक मुकाबला नाटकिय अंदाज में 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

जयपुर , स्पेन और मोरक्को के बीच फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण में कालिनग्राड स्टेडियम में खेला गया ग्रुप-बी का बेहद रोमांचक मुकाबला नाटकिय अंदाज में 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस ड्रॉ के साथ ही स्पेन अंतिम-16 में जगह बनाने में सफल रहा।

स्पेन ने ग्रुप स्तर के तीन मैचों में दो ड्रॉ और एक जीत के साथ पांच अंक हासिल किए और अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। मोरक्को इस ग्रुप में दो हार और एक ड्रॉ के साथ अंतिम पायदान पर रहा।

स्पेन को प्री-क्वार्टर फाइनल में जाने के लिए इस मैच में जीत या ड्रॉ चाहिए था जो उसने हासिल कर लिया। 2010 की विजेता इस मैच को आसानी से जीत सकती थी लेकिन मौको को भुना न पाने की कमी से उसे अंक बांटने पर मजबूर होना पड़ा।

मैच 1-1 की बराबरी पर था, लेकिन 81वें मिनट में युसूफ एन नेसरी ने गोल कर मोरक्को को आगे कर दिया था। हालांकि 74वें मिनट में डिएगो कोस्टा के स्थान पर आए इयागो आसपास ने स्पेन के लिए इंजुरी टाइम (91वें मिनट) में बराबरी का गोल कर उसे हार से बचाया।

इस गोल को रेफरी ने हालांकि ऑफ साइड करार दे दिया था, लेकिन स्पेन ने वीएआर का सहारा लिया जिसमें उसे सफलता मिली

अगले दौर में जाने के लिए स्पेन के लिए यह मैच काफी अहम था। उसने मैच का अहमियता को देखते हुए लुकास वास्क्वेज के स्थान पर थियागो अल्सांट्रा को अंतिम-11 में उतारा था। मोरक्को ने हालांकि शुरूआत में स्पेन को बांधे रखा और उसे मौके नहीं बनाने दिए।

14वें मिनट में खालिद बाउदिब ने मोरक्को के लिए गोल कर स्पेन की परेशानियों को और बढ़ा दिया। बाउदिब ने स्पेन के कप्तान सार्जियो रामोस से मध्य से गेंद ली और अकेले गोल की तरफ दौड़ते हुए स्पेन के गोलकीपर डेविड डी गिया की टांगों के बीच से गेंद को नेट में डाल मोरक्को को बढ़त दिला दी।

स्पेन ने अपने आप को संभाला और आगे बढ़ी। उसकी हार न मानने की जिद रंग लाई और 19वें मिनट में बॉक्स के अंदर आंद्रे इनिएस्ता ने इस्को को गेंद दी जिन्होंने मोरक्को के गोलकीपर को छकाते हुए स्पेन को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

मोरक्को हालांकि रूकी नहीं थी, बाउतिब ने 25वें मिनट में एक और प्रयास किया जो विफल साबित हुआ। यहां से स्पेन ने धीरे-धीरे मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी और मोरक्को दवाब में आ गई थी, नतीजन 10 मिनट में मोरक्को को चार येलो कार्ड मिले।

23वें मिनट में करीम अल अहमदी, 31वें मिनट में नोरडिन अमराबत, इसी मिनट में मैनुएल डा कोस्टा और 33वें मिनट में माउबारक बाउसाउफा को पीला कार्ड दिया गया।

चार पीले कार्ड का असर मोरक्को के खेल पर दिखा। उसका खेल पूरी तरह से बदल चुका था और स्पेन हावी हो गई थी।

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