राष्ट्रीय

नवजात बच्चों की मौत को लेकर सीएम और डिप्टी सीएम के बीच की तल्खी

गहलोत सरकार की हो रही भारी भरकम आलोचना

जयपुर: कांग्रेस शासित प्रदेश में गहलोत सरकार को कोटा के जे के लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले की हैंडलिंग को लेकर भारी भरकम आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. बता दें राजस्थान के कोटा के जेके लोन अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत का आंकड़ा रविवार तक 109 पहुंच गया है.

जिम्मेदारी तय करनी होगी, हम सरकार में हैं

वहीं नवजात बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर दिए गए सीएम अशोक गहलोत के गैरजिम्मेदाराना बयान पर डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने जवाब देते हुए कहा था कि जिम्मेदारी तय करनी होगी, हम सरकार में हैं. दरअसल सचिन पायलट का यह बयान सीएम अशोक गहलोत के उस बयान के जवाब में आया था जिसमें उन्होंने कहा था, ‘बीजेपी के शासन में ज्यादा बच्चे मरते थे हमारे शासन में इस संख्या में कमी आई है.’

सीएम अशोक गहलोत ने कहा था, ‘घटना सामने आने के बाद हमने एक्सपर्ट की टीम कोटा भेजी…हमारी सरकार ने गंभीरता के साथ सभी जरुरी कदम उठाये…बच्चों की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए….हमारे एक साल के शासन शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा सुधरा है.

जांच कर ली, इलाज में कोई लापरवाही नहीं थी. 100 बच्चे लगभग बीजेपी के पांच साल के अंदर भी मरते रहे हैं. हमारे वक्त में कम हुए हैं. उनके वक्त में साल में 1000 बच्चे साल में मरते थे. हमारे वक्त में 900 बच्चों की संख्या आई है.’

शनिवार (4 जनवरी) को कोटा (KOTA) मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि पिछली सरकार के बुरे कामों को दोष देने से कुछ नहीं होगा, हमें जिम्मेदारी तय करनी होगी. बता दें जेके लोन अस्पताल में 34 दिन में बच्चों की मौत का आंकड़ा 107 तक पहुंच गया है.

पायलट ने अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि इस पर हमारी प्रतिक्रिया अधिक दयालु और संवेदनशील हो सकती थी. 13 महीने तक सत्ता में रहने के बाद मुझे लगता है कि पिछली सरकार के बुरे कामों को दोष देने से कुछ हल होने वाला नहीं है. जवाबदेही तय होनी चाहिए.’

लोकसभा अध्यक्ष ने की पीड़ित परिजनों से मुलाकात

वहीं शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज कोटा अस्पताल में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की. सबसे पहले बिरला अनंतपुरा थांने के पास स्थित सुभाष विहार में मृत बच्ची के घर पहुंचे. बिड़ला ने बच्ची के माता-पिता से बातचीत कर शोक व्यक्त किया. बच्ची की मौत 29 दिसंबर को जेके लोन हॉस्पिटल में हुई थी. परिजनों ने बच्ची की मौत के पीछे डॉक्टरों की लापरवाही होना बताया है.

बिड़ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘उपकरणों की आवश्यकता थी, वो उपलब्ध करवाए, और भी जरूरत होगी तो उपलब्ध करवाएंगे, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पत्र लिखा है’

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