मुजफ्फरपुर में बोले मोदी- जिनके नसीब में नेता विपक्ष का पद नहीं, वो PM बनने का सपना देख रहे

मुजफ्फरपुर। चौथे चरण का मतदान हो चुका है और अब देश में पाचवें चरण का मतदान होना है और इससे पहले चुनाव प्रचार का दौर जारी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को चुनाव प्रचार के लिए बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे जहां उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राजद और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

मोदी ने आगे लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा, जो जेल में हैं या जेल के दरवाजे पर हैं। जो बेल पर हैं या बेल के लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। वो सब केंद्र में एक मजबूत सरकार को एक मिनट भी बर्दाश्त नहीं करना चाहते। ये चाहें कितनी भी कोशिश कर लें, कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अभियान हमने चलाया हुआ है, उसकी रफ्तार धीमी नहीं पड़ेगी। इनको गरीब का लूटा एक-एक पैसा लौटाना ही पड़ेगा। जैसे हम मिशेल मामा को उठाकर लाएं हैं, उसी तरह इनके बाकी चाचाओं को भी भारत आना ही पड़ेगा।

मोदी आगे बोले कि, स्वार्थ और सिर्फ अपने हित के लिए समर्पित इन महामिलावटियों की मंशा को समझना बहुत जरुरी है। जितने भी महामिलावटी दल हैं उनमें ज्यादातर इतनी सीटों पर भी नहीं लड़ रहे कि लोकसभा में नेता विपक्ष का पद भी प्राप्त कर सकें। जिनके नसीब में नेता विपक्ष का पद नहीं है वो प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं।

इससे पहले मोदी ने कहा कि, 4 चरणों के चुनाव के बाद कुछ लोग चारों खाने चित्त हो चुके हैं। अब अगले चरणों में ये तय करना है कि इनकी हार कितनी बड़ी होगी और भाजपा NDA की जीत कितनी भव्य होगी। आम और लीची जैसे मिठास घोलने वाले स्वीट सिटी में आज इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आये हैं वो कई लोगों के मुंह में कड़वाहट पैदा करने वाला है।

मोदी ने आगे कहा कि, जिन्होंने बिहार की पहचान बदली थी, वो इस चुनाव में केंद्र में अपनी सरकार बनाने के लिए नहीं लड़ रहे, वो किसी भी तरह से अपने सदस्य बढ़ाने के लिए छटपटा रहे हैं। उनकी ताकत बढ़ाने का मतलब है बिहार में लूट-पाट, अपहरण, भ्रष्टाचार के दिन वापस लाना। उनकी ताकत बढ़ाने का मतलब है बेटियों का अपहरण, गुंडागर्दी, हत्याएं, हर योजना में भ्रष्टाचार।

उनकी ताकत बढ़ाने का मतलब है, सूरज ढलने के बाद अपने ही घर मे कैद हो जाना, घुट-घुट के जीना, पलायन के लिए मजबूर होना। फिर से ये लोग बिहार में गिद्ध दृष्टि जमाए हैं। ये बिहार को जाति, समाज के आधार पर बांटकर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं। अपने भ्रष्टाचार, काले कारनामों को छिपाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य है कि दिल्ली में कमजोर सरकार बने ताकि ये फिर से मनमानी कर सके।

मोदी ने आगे आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि, आतंकवाद जब फलता फूलता है तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहता है, चाहे वह किसी भी जाति या पंथ का हो। चाहे देश के भीतर हो या फिर सीमा के पार, आतंक और हिंसा फैलाने वाली फैक्ट्री जहां भी होगी, इस चौकीदार के निशाने पर है। भारत को जहां से भी खतरा होगा, हम घर में घुसकर मारेंगे, ये तय है। महामिलावट वालों का इतिहास ऐसा है कि ये आतंकवाद पर कुछ नहीं कह सकते, पाकिस्तान का नाम सुनकर इनके पैर कांपते हैं, इनकी सरकार डोलने लगती है। यही कारण है कि एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक से इनको एलर्जी है।

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