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रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी स्पेशल कोर्ट

रिया और शौविक को एनसीबी ने ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था

मुंबई: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित ड्रग्स के एक मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत में गुरुवार को रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेशंस कोर्ट ने फैसला आज शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रखा गया.

आज गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती की जमानत याचिकाओं पर एक स्पेशल कोर्ट आज सुनवाई करेगी. रिया और शौविक को एनसीबी ने ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था. एनसीबी ने गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान रिया और शौविक समेत 6 लोगों की जमातनत याचिका का विरोध किया था.

एनसीबी ने कोर्ट में कहा कि भले ही इस मामले में जब्त की गई प्रतिबंधित ड्रग्स की मात्रा कम थी लेकिन यह कमर्शियल मात्रा थी और 1,85,200 रुपये की थी. विशेष न्यायाधीश जी बी गुराव ने गुरुवार को रिया और शौविक के वकील और मामले में विशेष सरकारी अभियोजक की दलीलों को सुना. मामले में चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं की भी न्यायाधीश ने सुनवाई की.

एनसीबी का विरोध

कोर्ट ने कहा कि वह शुक्रवार को जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश जारी करेगी. सरकारी वकील अतुल सर्पांडे ने कहा कि एनसीबी ने सभी आरोपियों की याचिकाओं का विरोध किया. जमानत याचिकाओं पर अपने जवाब में दाखिल किये गये हफलनामे में एनसीबी ने कहा कि रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स की व्यवस्था करते थे और उसके पैसे देते थे.

कबूल करने के लिए मजबूर किया

सह आरोपी दीपेश सावंत द्वारा दिये गये बयान के अनुसार वह राजपूत और रिया चक्रवर्ती के निर्देश पर ड्रग्स खरीदा करता था. एनसीबी ने तीन दिन की पूछताछ के बाद मंगलवार को रिया को गिरफ्तार कर लिया था जो अभी न्यायिक हिरासत में है.

शौविक और सैमुअल मिरांडा को एजेंसी ने पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था.वकील सतीश मानशिंदे द्वारा दायर अपनी याचिका में रिया चक्रवर्ती ने कहा कि तीन दिन की पूछताछ के दौरान जब वह एनसीबी के समक्ष पेश हुई तो रिया को स्वीकारोक्ति देने के लिए मजबूर किया गया था.

सबूतों के साथ छेड़छाड़ का शक

हालांकि अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स को खरीदने और उसका पैसा देने में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है. एनसीबी ने कहा कि यदि आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते है और मामले के प्रमुख गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते है. सभी आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं.

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