दिल्ली में लगा खास स्मॉग टावर, जो कर देगा 1 किलोमीटर तक की हवा साफ…

ऐसे करता है काम

दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण एक अहम समस्याओं में से एक है. अब दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की इस जंग में अहम कदम उठाया है. दरअसल, दिल्ली के अरविंद केजरीवाल ने एक स्मॉग टावर का उद्घाटन किया है. बताया जा रहा है कि देश में यह इस तरह का पहला स्मॉग टावर है और माना जा रहा है कि इससे प्रदूषण से लड़ने में काफी मदद मिलेगी. इस स्मॉग टावर के जरिए जल्द ही प्रदूषण से लड़ने में मदद मिलेगी.

ऐसे में जानते हैं कि यह स्मॉग टावर किस तरह से प्रदूषण को खत्म करने का काम करेगा. साथ ही जानते हैं यह दिल्ली में कहां बना है और इसकी टावर की क्या खास बात है… जानते हैं स्मॉग टावर से जुड़ी हर एक बात…

किस टावर में क्या खास है?

दिल्ली में देश का पहला स्मॉग टॉवर लगा है. इस टावर में अमेरिका से आयात की गई खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह टावर करीब 24 मीटर ऊंचा है. इस टावर की क्षमता 1000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड है यानी ये काफी तेजी से आस-पास की हवा को साफ करता है. अगर पता लगाएं कि इससे कितनी दूरी की हवा साफ हो जाएगी तो कहा जा रहा है कि इससे 1 किलोमीटर दूर तक कि हवा साफ हो जाएगी. बता दें कि इसकी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत की गई है और अगर इसका रिजल्ट अगर सही रहता है तो दिल्ली में कई और ऐसे ही टावर लगाए जाएंगे.
कहां लगाया गया है?

यह दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में लगाया गया है, जिससे इसके आसपास के 1 किलोमीटर क्षेत्र की हवा साफ हो जाएगी.

यह किस तरह करता है काम?

स्मॉग टावर को एक बड़े आकार का एयर प्यूरिफायर कहा जा सकता है. इसमें पंखे लगे होते हैं, जो प्रदूषित हवा को अंदर खींच लेते हैं. टावर के अंदर लगे फिल्टर और और अन्य इक्विपमेंट्स हवा से कार्बन और धूलकणों को अलग कर उसे शुद्ध करते हैं और फिर बाहर शुद्ध हवा छोड़ देते हैं. इसमें ऊपर से हवा लेता है और नीचे कई पंखे लगे होते हैं. इन पंखों से शुद्ध हवा आसपास के वातावरण में फैल जाती है.

लाजपत नगर में लगा है पहला स्मॉग टावर

दिल्ली में पहला स्मॉग टावर लाजपत नगर में लगाया गया है, जो 750 मीटर के दायरे में हवा को शुद्ध करता है. दावा है कि इसकी क्षमता ढाई लाख से छह लाख क्यूबिक मीटर हवा शुद्ध करने की है. फ्रेंच मेड शुद्ध नाम के इस एयर प्यूरीफायर को लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन और गौतम गंभीर फाउंडेशन ने लगवाया था.

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