जिले मेंसट्टा, अवैध शराबखोरी शबाब पर…

थानों परिसर से कुछ ही दुरी से हो जाती है अवैध कारोबार की शुरुआत..

मनीष शर्मा

मुंगेली। मुंगेली जिले के सभी नामचीन थानों क्षेत्र में लम्बे समय से एकाएक पुनः अपनी पैर पसार चुके जगह जगह सट्टा,आईपीएल जैसे काले कारोबारों को मुंगेली पुलिस का रुख समझ से परे है।

सट्टे के अवैध कारोबार में सम्बंधित लोग आज हाईटेक ढंग से संचालन कर रहे है। मगर दुर्भाग्य यह भी देखा जा रहा है। इन सटोरियों को पकड़ने में आखिर पुलिस विफल क्यों है पुलिस की इन गतिविधियों में विफल अथवा निष्क्रिय रहने के और भी कई मायने लगते आ रहे है।

मगर शहरी क्षेत्र में कुकुरमुत्ते की तरह जगह जगह पैर पसार ले तो शहर में अमन चैन,सामाजिक समरसता, नौनिहालों की बर्बादी के लिए कौन जिम्मेदार होगा?लेकिन आज के बदलते परिवेश में किसको किसकी परवाह रहती है।

सूत्रों की माने तो जिले के अधिकांश थानो का संचालन कुछ समय से ठेकेदारी के हिसाब से चल रहा है जिससे अभी अब पुलिस की छवि पर भी अनेक मौको पर सवाल उठने लगे है।

ऐसे में जिला पुलिस बल की पर्याप्त संसाधनों, बल के होने के बावजुद शहरी क्षेत्र में ही जमकर सट्टेबाजी, अवैध शराबखोरी ना रोकने से समय पर विभिन्न संगठनों ने भी सड़क पर उतर विरोध प्रदर्शन किया।

नतीजतन अभी भी जगह जगह सट्टा, अवैध शराबखोरी में कोई नियंत्रण नही बल्कि दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। बता दे बकायदा सिटी कोतवाली पुलिस के समक्ष सट्टेबाजी के लिए मशहूर स्थान चिन्हित है।

जिनमें ,मंडी परिसर, पड़ाव चौक,दाऊपारा,करही एव आसपास के गांवों में खुलेआम सट्टेबाजी सर्वविदित है। शराबखोरी के लिए रात 10 बजे से पूरी रात और दूसरे दिन ठेका खुलने से पहले तक शहर भीतर ही दर्जनों ठिकानों पर शराब परोसी जा रही है।

पुलिस इनके सामने लंबे समय से नतमस्तक ही बनी हुई है। बता दें पूरे शहर भीतर तमिलनाडु, हरियाणा,मध्यप्रदेश, राजस्थान, सहित अनेक राज्यो के लोग यहां अनेको कारोबार में लिप्त रहते है लेकिन कभी कभी बड़ी लुटपाट, कट्टे की नोक में ये वही लोग रहते है।

जिनकी मुसाफिरी नही होने के चलते ये फरार भी होने में सफल होते है बाद में पुलिस हवा में ही लाठी मारती रहती है जिनके अनेक उदाहरण जिले के विभिन्न थानों के पेंडेंसी केस से देखा जा सकता है।अनेको थानों के सधरी शिकायतों का निकाल भी नही किया जा सका है।

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