अंतर्राष्ट्रीय

श्रीलंका अभी सुरक्षित नहीं, कई हमलावर अब भी हैं हमले की फिराक में

कोलंबो। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को कहा कि देश अभी सुरक्षित नहीं है। विस्फोटकों के साथ कई हमलावर अब भी देश में आजाद घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी और हमले हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि ईस्टर के दिन के हमलों के इस्लामिक स्टेट से संबंध थे। उन्होंने कहा कि खुद आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट ने हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में हुए हमलों में 300 से अधिक लोग मारे गए थे।

रानिल विक्रमसिंघे ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार की सुरक्षा एजेंसियां उन श्रीलंकाई की निगरानी कर रही हैं जो इस्लामिक स्टेट में शामिल हुए थे और घर लौट आए हैं। हम आतंकी संगठन आईएस के दावों पर चल रहे हैं, हमारा मानना है कि इन लोगों का हमलों से लिंक हो सकता है।

अबतक 40 गिरफ्तार

श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए जबर्दस्त बम धमाकों के सिलसिले में एक ड्राइवर समेत 40 संदिग्ध गिरफ्तार किये गये हैं और सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। इसी ड्राइवर के वाहन का आत्मघाती हमलावरों ने कथित रूप से इस्तेमाल किया था।

पुलिस प्रवक्ता रूवान गुणाशेखरा ने बताया कि श्रीलंका पुलिस ने पिछले 24 घंटे के दैरान 16 और गिरफ्तारियां की हैं जिससे अबतक गिरफ्तार किये गये संदिग्धों की कुल संख्या 40 हो गयी है। गुणाशेखरा ने कहा, ”उनमें से 26 सीआईडी के पास हैं, तीन आतंकवाद जांच संभाग की गिरफ्त में हैं। उनमें से नौ को पहले ही हिरासत में भेज दिया गया है और दो कोलंबो के दक्षिण में एक थाने में हैं।

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर तीन गिरजाघरों और लक्जरी होटलों में जबर्दस्त धमाके हुए थे जिसमें 321 लोगों की जान चली गयी और 500 से अधिक अन्य घायल हो गये। मारे गये लोगों में 10 भारतीयों समेत 38 विदेशी हैं। श्रीलंका सरकार ने कल रात आपातकाल लगा दिया जिससे सुरक्षाबलों को बिना वारंट के संदिग्धों को हिरासत में लेने और उनसे पूछताछ करने की व्यापक शक्तियां मिल गयीं।

श्रीलंका हमलों में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार

श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के दिन सिलसिलेवार बम हमलों में मारे गए लोगों का मंगलवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। इन हमलों में 321 लोग मारे गए हैं। स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि सामूहिक अंतिम संस्कार कोलंबो के उत्तर में नेगोम्बो स्थित सेंट सेबास्टियन चर्च में किया गया।

यह आत्मघाती हमलों के घटनास्थलों में से एक है। अंतिम संस्कार नष्ट हुए चर्च में किया गया, जहां आत्मघाती हमलावर के हमले में 100 लोग मारे गए थे। इससे पहले कुछ देर के लिए मौन रखा गया। झंडे आधे झुके रहे। हमलों में 500 लोग घायल हुए हैं। खबर में कहा गया कि देश में आपात स्थिति के बीच अंतिम संस्कार किया गया।

पहले इस आतंकवादी घटना के पीछे नेशनल तौहीद जमात नाम के स्थानीय संगठन का हाथ बताया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री एवं सरकारी प्रवक्ता रजीत सेनारत्ने ने कहा था कि विस्फोट में शामिल सभी आत्मघाती हमलावर श्रीलंकाई नागरिक मालूम हो रहे हैं। उन्होंने कहा था कि कट्टर मुस्लिम समूह -नेशनल तौहीद जमात नाम के स्थानीय संगठन को इन घातक विस्फोटों को अंजाम देने के पीछे माना जा रहा है। उन्होंने इस घटना के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े होने की संभावना जताई है।

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