छुरा: शैक्षणिक भ्रमण का अवलोकन किया

हितेश दीक्षित

छुरा।

स्वामी विवेकानंद के जयंती के अवसर पर शासकीय कचना धुरवा महाविद्यालय छुरा के राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड क्रास, महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं महाविद्यालय परिवार रामायण काल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल एवं पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक स्थल सिरपुर एवं वाल्मीकि के तपो स्थली तुरतुरिया में शैक्षणिक भ्रमण किया।

रामायण काल के अनुसार वाल्मीकि आश्रम लव-कुश की जन्म स्थली है।यहाँ पौष पूर्णिमा को मेला लगता है। तुरतुरिया के माता गढ़ स्थल, शेर गुफा, दुर्गा माता, काली माता, पहाड़ों पर माता सीता जी का मंदिर का दर्शन कर जानकारी प्राप्त किया। लव कुश एवं माता सीता जी का प्राचीन शिलालेख देखा। तत्पश्चात छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य देखा और जानकारी प्राप्त किया।

उसके बाद सिरपुर महासमुंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं धार्मिक स्थल को देखा जिसमें प्रमुख महानदी तट पर बसा गंधेश्वर महादेव मंदिर इनकी स्थापना 8 वीं शताब्दी का है।इनका जीर्णोद्धार चिमनाजी भोजला ने कराया था।
लक्ष्मण मंदिर:- इनकी निर्माण 7वीं सदी का है। यह मंदिर लाल ईंटों से बना है।यहाँ देवी-देवताओं पुष्प एवं पशुओं का कलात्मक चित्रांकन किया गया है। विष्णु भगवान मंदिर, वैष्णव धर्म, बौद्ध धर्म, स्वास्तिक विहार, महात्मा बुद्ध यहां आए थे। चीनी यात्री हवेन सांग ने 639 ईसवी में सिरपुर की यात्रा की थी। आनंद प्रभु कुटीर विहार को जाना। प्राचीन काल में इनको श्रीपुर एवं चित्रांग पुर के नाम से जाना जाता था।

चित्रांगपुर:- माघ पूर्णिमा से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक सिरपुर में मेला लगता है। यह शरभपुरीय वंशीय एवं पांडुवंशीय शासकों की राजधानी था।
यह शैक्षणिक भ्रमण प्राचार्य के मार्गदर्शन में 150 छात्र-छात्राओं ने पूर्ण किया।
प्रोफेसर:- ओम प्रकाश पटेल, विनीत कुमार साहू, धर्मेंद्र प्रताप, छत्रपाल सिंह, सतप्रितसिंह, श्रीमती पायल साहू, अंकिता सिन्हा, नेहा सेन,पिंकी यादव,नर्सिंग सोम,नागेश साहू आदि थे।

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