राष्ट्रीय

स्टालिन ने संभाला करुणानिधि के बाद DMK का कार्यभार

वरिष्ठ नेता दुराईमुरूगन को भी निर्विरोध द्रमुक का कोषाध्यक्ष चुना गया।

चेन्नई: एम. करूणानिधि के निधन के बाद आज(मंगलवार) को द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने पार्टी का कारभार संभल लिया है. उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। पार्टी की एक बैठक में वरिष्ठ नेता दुराईमुरूगन को भी निर्विरोध द्रमुक का कोषाध्यक्ष चुना गया। इस पद की जिम्मेदारी अब तक भी स्टालिन ही संभाल रहे थे।

स्टालिन पार्टी के दूसरे अध्यक्ष हैं और इससे पहले 50 वर्षों तक पार्टी अध्यक्ष का पद उनके पिता एम के करूणानिधि के पास था जिनका निधन सात अगस्त को कावेरी अस्पताल में हो गया था। स्टालिन के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद उनके समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

बीते रविवार को करुणानिधि के छोटे बेटे स्टालिन ने पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए अपना नामांकन भरा था। उनके अलावा डीएमके के वरिष्ठ नेता दुरई मुरुगन ने भी पार्टी कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था। नामांकन दाखिल होने के बाद मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के नामों का औपचारिक एलान किया जाना था।

गौरतलब है कि उनके दिवंगत पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि के बीमार रहने के कारण अधिकांश समय घर में ही बिताने पर स्टालिन को जनवरी 2017 में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

करुणानिधि ने पिछले साल स्टालिन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था लेकिन पार्टी प्रमुख की कमान अपने ही हाथ में रखी थी। करूणानिधि की बेटी द्वारा स्टालिन का समर्थन और 2016 ये कहना कि पिता के बाद उनके सौतेले भाई स्टालिन ही पार्टी संभालेंगे, इसके बाद अझगिरि की पार्टी से दूरी और बढ़ गई थी।

अभी तक डीएमके के इतिहास में स्टालिन पार्टी का अध्यक्ष पद संभालने वाले दूसरे ही नेता होंगे। इससे पहले करुणानिधि 49 साल तक पार्टी के अध्यक्ष रहे थे।

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