छत्तीसगढ़

आदिवासी बाहुल्य कृषि विज्ञान केन्द्रों की कार्यशाला का शुभारम्भ

रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशालय विस्तार सेवाएं द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों की कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि निदेशक डॉ. अनुपम मिश्रा ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य जिलों में कार्यरत कृषि विज्ञान केन्द्रों के न्यूट्री स्मार्ट ग्रामों को भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा सहायता दी जाएगी,

जिससे चावल, दलहन, तिलहन तथा लघु धान्य की फसलों को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आवासीय कन्या छात्रावासों में पोषण से भरपूर बागवानी फसलें लगायी जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी अंचल में कुपोषण का सर्वेक्षण किया जाना चाहिए,

जिसकी पूर्ति बायोफोर्टिफाइड अनाज, दलहन, तिलहन, फल और सब्जी वाली फसलों की खेती से की जाएगी। कार्यशाला में निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. ए.एल. राठौर ने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और आमदनी बढ़ाने के संबंध में जानकारी दी।

निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. आर.के. बाजपेयी ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीक से किसानों की आमदनी में वृद्धि को सार्थक बताया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कार्यरत कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख उपस्थित थे। कार्यशाला के अंत में आभार प्रदर्शन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीता खरे द्वारा किया गया।

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