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गोवा को देश का लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा: प्रभु

पणजीः केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि सरकार गोवा को देश में यात्रियों एवं माल की आवागमन सुविधाओं का बड़ा केन्द्र बनाने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम गोवा को देश में यात्री एवं माल परिवहन सुविधाओं वाला बड़ा केन्द्र बनाने जा रहे हैं। देश के पश्चिमी तट पर 4 राज्य कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल और गोवा हैं। मुंबई के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा हवाईअड्डा (मोपा में) गोवा में ही होगा।’’

मोपा हवाइअड्डा 2020 में शुरू होगा : उन्होंने यह बात गोवा स्टार्टअप एवं नवोन्मेष दिवस के मौके पर कही। इसका आयोजन राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने किया था। उन्होंने कहा कि गोवा में मोपा हवाइअड्डा बनने के बाद दो हवाइअड्डों से गोवा को देश का लॉजिस्टिक हब बनाने में मदद मिलेगी। मोपा हवाइअड्डा 2020 में शुरु होने की संभावना है। प्रभु के अनुसार मोपा की सालाना यात्री क्षमता 3 करोड़ होगी।

स्टार्टअप स्थिति में सुधार : प्रभु ने कहा कि देश में बहुत से स्टार्टअप शुरू होते हैं और शुरूआती दौर में ही दम तोड़ देते हैं। ऐसे में हमें इन स्टार्टअप की शुरूआत में ही दम तोड़ देने की स्थिति में सुधार लाना होगा। देश में स्टार्टअप की आधिकारिक संख्या करीब 20,000 है लेकिन वास्तव में यह बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि देश में युवा उद्यमों की संख्या को ‘सामान्य तौर पर कम करके देखा गया’ है। हमें स्टार्टअप की ‘शुरूआत के कुछ ही समय में बंद होने की दर’ को कम करना होगा।

गोवा सरकार ने दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसका आज समापन हो गया। इसका मकसद नए उद्यमों को विभिन्न संभावनाएं तलाशने के लिए एक मंच प्रदान करना है। राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रोहन खाउंटे भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। अपनी गुजरात विश्वविद्यालय की हालिया यात्रा का वर्णन करते हुए प्रभु ने कहा कि वहां उन्होंने पाया कि 17-18 साल के किशारों के पास अविश्ववसीय उद्यमी विचार हैं। यह भविष्य के सफल कारोबारी हैं। प्रभु ने कहा कि नवजात शिशुओं की तरह ही नए स्टार्टअप को भी सहारा दिया जाना चाहिए। कई नए स्टार्टअप शुरू होने के कुछ महीने के भीतर ही बंद हो जाते हैं, इसलिए हमें इस दर को कम करने को काम करना चाहिए।

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