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राज्य और यूटी स्वयं ही छात्रों को बिना परीक्षा पास नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट

छात्रों को देनी होगी फाइनल ईयर की परीक्षाएं

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एमआर शाह की खंडपीठ ने फाइनल ईयर परीक्षाओं के संबंध में अपना फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य और यूटी स्वयं ही छात्रों को बिना परीक्षा पास नहीं कर सकते हैं। उन्हें कोविड-19 महामारी को देखते हुए यूजीसी से परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए संपर्क करना होगा।

खण्डपीठ ने कहा कि यूजीसी गाइडलाइंस को खत्म करने का निवेदन अस्वीकार कर दिया गया है। किसी राज्य विशेष में परीक्षाओं को रद्द करने के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यूजीसी के निर्देशों से उपर होंगे, लेकिन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पास छात्रों को बिना परीक्षा पिछले वर्षों के आधार पर पास करने का अधिकार नहीं है।

खण्डपीठ ने कहा कि यदि किसी राज्य में परीक्षाएं आयोजित करनेा संभव नहीं है तो राज्य सरकार यूजीसी से परीक्षाओं की तिथि में विस्तार की मांग कर सकती है। परीक्षाएं आयोजित करने की डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है। लेकिन परीक्षाएं कराने ही होंगे।

देश भर के विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में यूजी और पीजी कक्षाओं की अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित हों या नहीं इसको लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णय सुनाना कर दिया है।

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