छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्यरत

भारत सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ में भी किया जा रहा कार्य

रायपुर:छत्तीसगढ़ राज्य में बीमारी की रोकथाम के लिए लाखों रुपए खर्च कर योजना चलाई जा रही है। पिछले तीन साल में टीबी के 4600 मरीज मिल चुके हैं। साथ ही बलगम जांच का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है।

इसके चलते अब स्वास्थ्य विभाग के अफसर कह रहे है कि मरीजों की संख्या बढ़ने की प्रमुख वजह इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता का न होना है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग को ही लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भारत सरकार द्वारा “नेशनल सर्वे फॉर स्टेट वाइस प्रिविलंस ऑफ़ माइक्रोबायोलोजीकली कनफर्म्ड पल्मोनरी टियुबरक्लोसिस इन इंडिया” शुरु किया जाना है। इस सर्वे का संचालन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली, डब्लू.एच.ओ. और आई.सी.एम.आर.- एन. आई. आर.टी., चेन्नई के सयोंजन से पूरे भारत में किया जाएगा। जिसके लिए छत्तीसगढ़ में भी भारत सरकार की मदद से कार्य किए जा रहे है।

इस सर्वे के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में भारत सरकार द्वारा एक मोबाईल वेन प्रदान की गई है, जिसमें डिजिटल एक्स- रे, सी.बी.नाट मशीन की सुविधा उपलब्ध है। इस वेन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के चयनित 10 जिलों के 13 क्लस्टर (ग्राम/वार्ड) में सर्वे किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक क्लस्टर में कम से कम 800 (15 वर्ष से अधिक) लोगों की स्क्रीनिंग की जायेगी ।

इस सर्वे में एक्स-रे, सी.बी.नाट, एवं कल्चर एवं डी.एस.टी. परीक्षण के द्वारा माइक्रोबायोलोजीकली कनफर्म्ड पल्मोनरी टियुबरक्लोसिस के प्रिविलेंस का निर्धारण किया जा सकेगा। छत्तीसगढ़ में इस सर्वे का क्रियान्वन आर.एन.टी.सी.पी. कार्यक्रम से सम्बंधित सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं आई.सी.एम.आर.- एन. आई. आर.टी. सर्वे टीम के सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

मोबाइल वैन का विधानसभा में हुआ शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में टी.बी. के सर्वे हेतु भारत सरकार से प्राप्त मोबाइल वैन का विधानसभा परिसर से शुभारंभ किया गया। मोबाइल वैन में डिजिटल एक्स- रे, सी.बी.नाट मशीन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इस वेन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के चयनित 10 जिलों के 13 क्लस्टर (ग्राम/वार्ड) में टी.बी से पीड़ित मरीजों का सर्वे जाएगा किया ।

2023 तक छत्तीसगढ़ राज्य टीबी बीमारी से हो जाएगा मुक्त..

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ शाषन के महत्वाकांक्षी दृष्टीकोण अनुसार राष्ट्रीय योजना से दो साल बाद 2023 तक छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त बनाया जाना है। इसी पहल में राज्य में टीबी की वस्तुस्थिति ज्ञात करने हेतु आज दिनांक 2 अक्टूबर 2019 को माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव जी द्वारा नेशनल टीबी प्रेवेलेन्स सर्वे अंतर्गत मोबाइल बस को हरी झंडी दिखा कर लोकार्पण किया गया।

मोबाइल बस में डिजिटल एक्स रे एवं उच्च तकनीक सीबीनाट मशीन के माधयम से टीबी की निशुल्क जांच एवं इलाज की सुविधा प्रदाय की जाएगी। यह बस राज्य के १० जिलों (रायपुर, धमतरी, कोरिया, दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, कवर्धा, सूरजपुर, बेमेतरा) के १३ क्लस्टर ग्राम/वार्ड में १०००० से अधिक लोगो में सर्वे कर राज्य में टीबी की वस्तुस्थिति ज्ञात करेगी जो की राज्य को वर्ष २०२३ तक टीबी मुक्त करने में मदगार साबित होगी।

इस कार्यक्रम में निहारिका बारीक़, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नीरज बंसोड़,संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, डॉक्टर प्रियंका शुक्ल, मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डॉ वाई के शर्मा, राज्य क्षय अधिकारी उपस्थित थे।

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