राज्य सरकार हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव मदद करेगी : गुरू रूद्रकुमार

रायपुर। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा रायपुर के छत्तीसगढ़ हाट परिसर पंडरी में आयोजित जगार-2019 मेला का कल ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। इस दस दिवसीय प्रदर्शनी मेला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंडि़या ने की।

रूद्रकुमार तथा अन्य अथितियों ने मेला के स्टॉलों का अवलोकन किया और यहाँ प्रदर्शित बेहद आकर्षक, कलात्मक एवं शिल्प सामग्रियों की प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की स्मारिका का विमोचन किया। इस प्रदर्शनी में आए हुए अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

गुरू रूद्रकुमार ने शिल्पी और कलाकारों का अभिनंदन करते हुए कहा कि-यह महामेला न केवल कलाकारों को अच्छा आर्थिक लाभ पहुंचाता है, बल्कि प्रदेश के चुनिंदा एवं उत्कृष्ट कलाकृति के लिए उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करता है।

जगार-2019 के आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य के अलावा महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, नईदिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, झारखण्ड एवं हरियाणा आदि राज्य के कलाकार भी भाग ले रहे हैं, जो अपने उत्कृष्ट शिल्प कलाकृति एवं उत्पाद का प्रदर्शन इस मेले में करेंगे, उन्हें भी मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूं कि वे हमारे इस मेले में प्रतिभागी के रूप में शामिल हो रहे हैं। उम्मीद है कि वे अपनी उत्पाद और हस्तशिल्प कला की अच्छी छाप राजधानीवासियों पर छोड़ेंगे।

राज्य के प्रतिभागियों को उत्साहवर्धन करते हुए मंत्री श्री रूद्रकुमार ने आगे कहा कि हमारे राज्य के हस्तशिल्पियों ने प्रदेश की गरिमा को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है और अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है, जो कि बधाई के पात्र हैं। राज्य सरकार प्रदेश के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव मदद कर उनकी समस्याओं का निराकरण गंभीरता से करेगी।

इस प्रदर्शनी मेला में छत्तीसगढ़ राज्य के 60 शिल्पी जिसमें बेलमेटल शिल्प, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, बांस शिल्प, शिसल शिल्प, गोदना शिल्प, टेराकोटा शिल्प एवं हाथकरघा वस्त्र प्रमुख है। इसके अलावा अन्य प्रान्तों के लगभग110 शिल्पी कलाकार जिसमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, नईदिल्ली, मध्यप्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, ओडि़शा, झारखण्ड एवं हरियाणा के आर्ट मेटल वेयर, जरी एण्ड जरी गुड्स, पोर्टी एण्ड क्ले, कारपेट, जूट, हैण्ड एम्ब्रायडरी, लेदर एण्ड आर्टिकल्स, लाख चूडि़यां, पेंचवर्क, बटिक प्रिंट, ब्लॉक प्रिंट, टेराकोटा, चंदेरी, बनारसी साड़ी, कश्मीरी शॉल, चिकन वर्क, पेंटिग, वूड क्राफ्ट, ज्वेलरी, हैण्ड प्रिंटेड टेक्सटाइल्स, चिकन वर्क का विशाल संग्रह उपलब्ध रहेगा। इस आयोजन में ग्राहकों के पसंद के अनुरूप गृह उपयोगी एवं सजावटी सामान उपलब्ध है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बनारसी साड़ी, गलीचे, लखनऊ की चिकनकरी, मध्यप्रदेश की चंदेरी, महेश्वरी एवं पत्थर शिल्प सहित टीकमगढ़ के ब्रास का विशाल संग्रह है, वहीं पश्चिम बंगा का जूटवर्क, कांथा वर्क एवं बंगाली साडि़यों सहित पंजाब की फूलकारी, राजस्थान की मोजरी, कश्मीर के स्टॉल्स एवं शॉल का विशाल संग्रह उपलब्ध है, जिसमें शिल्पकार अपनी उन्नत शिल्पकला के हुनर का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश के विभिन्न अंचलों के छह सिद्धहस्त शिल्पियों को 2018-19 का राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष मोतीराम देवांगन, पार्षद किरण दिलीप सारथी,कल्पना पटेल, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक बिपिन मांझी, छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक आलोक अवस्थी और छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक जे.एल. मरावी सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार अवस्थी ने इस कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन किया।

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