छत्तीसगढ़

बेटी के कारण पिता को मिला राज्य स्तरीय अंबेडकर प्राइड अवार्ड

भारतीय दलित साहित्य अकादमी ने धमतरी में किया सम्मानित, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर नामकरण संस्कार आयोजित करने वाली यादव परिवार का हुआ सम्मान

– JK sinha

बालोद: पिछले महीने 30 जून को बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर में एक बिटिया के नामकरण का अनूठा आयोजन हुआ था। जहां यादव परिवार ने बेटी के तरफ से ही लोगों को नामकरण संस्कार में शामिल होने का न्योता दिया था। कार्ड को भी अनोखे ढंग से प्रकाशित किया गया था। इस आयोजन के कई लोग, संस्था और समाज साक्षी बने। इस छोटे से आयोजन और कार्ड में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर दिए संदेश से यादव परिवार ने समाज में बेटी बेटा के फर्क को दूर करने की कोशिश की थी।

इस प्रेरक पहल की जानकारी मिलने के बाद धमतरी के भारतीय दलित साहित्य अकादमी संस्था ने यादव परिवार से बिटिया के पिता दीपक यादव को डॉ अंबेडकर प्राइड अवार्ड से सम्मानित किया। संस्थान के प्रांत अध्यक्ष जी आर बंजारे ज्वाला ने कहा कि जब उन्हें पिता दीपक यादव के इस पहल की खबर मिली तो उन्हें बहुत खुशी हुई और सोचा कि उन्हें सम्मानित कर हमारे आयोजन की शोभा बढ़ाई जाए।

21 जुलाई रविवार को धमतरी के कर्मचारी भवन में हुए यादें अमीर खुसरो के कार्यक्रम में पिता दीपक यादव का अवॉर्ड ही नहीं बल्कि पगड़ी पहनाकर विशेष सम्मान किया गया। प्रांत अध्यक्ष ज्वाला ने कहा कि यादव परिवार की एक छोटी सी कोशिश बड़े बड़े लोगों की सोच बदलने के लिए काफी है। आज समाज, शिक्षित परिवारों में भी बेटी बेटा के प्रति फर्क देखा जाता है लेकिन एक बेटी पैदा होने पर जिस तरह यादव परिवार ने खुशियां मनाई और समाज को भी छठी कार्ड के जरिए जो संदेश दिया, वह तारीफ के काबिल था।

बेटियों के प्रति ऐसी सोच को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय मंच के माध्यम से पिता का सम्मान कर इस सोच को पूरे छत्तीसगढ़ में फैलाने की कोशिश की गई। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पहल से प्रेरित हो। संस्था के महा संरक्षक ईश्वरी सिन्हा ने कहा कि बाबा साहब डॉ अंबेडकर ने समाज में महिला सशक्तिकरण के साथ भेदभाव दूर करने के लिए प्रयास किया था। यादव परिवार की पहल भी समाज में बेटी बेटा के प्रति भेदभाव दूर करने के लिए थी। इस कारण बेटी वैष्णवी के पिता दीपक का अंबेडकर प्राइड अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

पिता बोलें बेटी के कारण मुझे मिला अवॉर्ड, इस पर उसी का हक

संस्था से राज्य स्तरीय अवार्ड पाकर पिता दीपक यादव ने कहा कि बेटी के कारण मुझे यह अवॉर्ड मिला है। इस अवॉर्ड पर मेरा नहीं बेटी का अधिकार है।उन्होंने घर पहुंचकर यह अवार्ड बेटी को समर्पित किया। बेटी की मां माधुरी यादव, दादी मधु यादव ने कहा कि कुल में बेटी की कमी थी। वैष्णवी ने आकर वह कमी पूरी कर दी। बेटी के जन्म से ही यादव परिवार का नाम रोशन हुआ। यह बेटी हमारे लिए बहुत ही भाग्यशाली है।

पहले प्रवेश पर की थी पूजा

ज्ञात हो कि जिस तरह घर में नई बहू आने पर गृह प्रवेश और पूजा कराई जाती है। उसी तरह इस परिवार ने भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा में बेटी के जन्म पर जब अस्पताल से छुट्टी होकर घर आए तो दादी ने बहू और पोती की दीप थाल से आरती की थी। इसके बाद नामकरण संस्कार में” बेटी है तो कल है ,बेटियों का करें सम्मान, यहीं है परिवारों की अभिमान, इस संदेश के साथ कार्ड जारी किया गया था।

यादव परिवार की इस पहल से प्रभावित होकर पूर्व में पद्मश्री शमशाद बेगम, पुलिस प्रशासन की ओर से प्रशिक्षु डीएसपी अमर सिदार, गुंडरदेही टीआई रोहित मालेकर, पर्यावरण प्रेमी भोज साहू, गुंज सेवा संस्थान की प्रमुख अनीता उके सहित अन्य संस्था प्रमुख भी इस परिवार का सम्मान कर चुके हैं। उनकी पहल से प्रभावित होकर पूर्व कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने भी बेटी को तोहफे में रायपुर से पौधे भी भिजवाए थे।जिन्हें आयोजन के दिन यादव परिवार ने लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया।

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