गुरुकुल महिला महाविद्यालय में राज्य स्तरीय शंतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ

गुरुकुल महिला महाविद्यालय मे आज तीन दिवसीय राज्य स्तरीय शंतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ गुरुकुल प्रेक्षागृह में किया गया। इस कार्यक्रम के शुभांरभ मुख्य अतिथि छ.ग. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. अंजनी शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में तथा भातखण्डे ललितकला शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री उत्तमचंद जैन की अध्यक्षता में किया गया।

इस प्रतियोगिता में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बस्तर, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, सरगुजा कुल 9 जिलों से 81 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
डॉ. अंजनी ने शंतरंज खेल के महत्व पर प्रकाश डालकर यह बताया कि शंतरंज का खेल बौध्दिक क्षमताओं को बढ़ाता है जिसके माध्यम से एकाग्रता को भी बढ़ा सकते है।

अध्यक्ष महोदय श्री उत्तमचंद जैन ने बताया की प्रतियोगिताओं का मतलब है कि अन्दर की छुपी हुयी प्रतिभावों को उभारना और शारिरीक विकास के लिए खेल प्रतियोगिताएॅं बहुत जरूरी है।
संचालक महोदय श्री बी.डी. द्विवेदी जी ने बताया कि हर मोहरें का अपना महत्व है। दो प्यादे मिलकर राजा को भी बंदी बना सकते है। इसी प्रकार जीवन भी शंतरंज का खेल है जिसमे शह और मात चलती रहती है। इस बात को ध्यान मे रखकर हमे अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

गुरुकुल महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी डॉ. रिंकु तिवारी ने शंतरंज प्रतियोगिता की शुभांरभ की घोषणा कर प्रतियोगिता आरंभ कराई। कार्यक्रम मे महाविद्यालय संचालक श्री बी.डी. द्विवेदी एवं प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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